वक्कामूला की गिरफ्तारी बढ़ा सकती है पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की मुश्किलें
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तारिनी ग्रुप ऑफ कंपनीज के निदेशक वक्कामूला चंद्रशेखर की गिरफ्तारी से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वीरभद्र के खिलाफ ईडी की ओर से दर्ज मनी लांड्रिंग केस के तार वक्कामूला से जुड़े हैं। आरोप है कि वीरभद्र और उनके परिवार को वक्कामूला ने अपने निजी बैंक खातों से 5.9 करोड़ ट्रांसफर किए थे।
इस मामले में 1 फरवरी को ईडी ने चार्जशीट दाखिल कर पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह समेत 6 लोगों को आरोपी बनाया है, जिसमें वक्कामूला शामिल नहीं है। ऐसे में ईडी की ताजा कार्रवाई को पूर्व मुख्यमंत्री के मनी लांड्रिंग प्रकरण से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
पीएमएलए एक्ट के तहत पूर्व सीएम वीरभद्र के खिलाफ कोर्ट में चल रही सुनवाई में ईडी ने कई गवाहों के बयान दर्ज करने के साथ बैंक लेन-देन का रिकार्ड सीज किया है। इस प्रकरण में 9 जुलाई, 2016 में ईडी ने इंश्योरेंस एजेंट आनंद चौहान की गिरफ्तारी की थी। ईडी ने मामले की पड़ताल के दौरान वक्कामूला और वीरभद्र के बीच लेनदेन का खुलासा किया। तीन बैंक अकाउंट के जरिये करोड़ों की धनराशि वीरभद्र और उनके परिवार को ट्रांसफर की गई।
मनी लांड्रिंग केस में वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। चुन्नी लाल चौहान, आनंद चौहान, प्रेम राज और लवण कुमार नाम के चार आरोपियों का नाम भी शामिल किया गया है। इन सभी को प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत आरोपी बनाया गया है। इससे पूर्व भी प्रवर्तन निदेशालय की ओर से आनंद चौहान के खिलाफ एक चार्जशीट दायर की गई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने साल 2015 में प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत वीरभद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस मामले की जांच के दौरान एजेंसी ने वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी की संपत्ति भी जब्त की है।
22 मार्च को अदालत में होना है पेश
मनी लांड्रिंग केस में आरोपी हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को अदालत ने समन भेजकर 22 मार्च को पेश होने को कहा है। इस मामले में गिरफ्तार बीमा एजेंट आनंद चौहान पर आरोप है कि वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी समेत परिवार से सदस्यों के नाम एलआईसी की पॉलिसी खरीदने में वीरभद्र सिंह से 5.14 करोड़ रुपये निवेश करवाया है। जांच में पाया गया कि वीरभद्र सिंह ने खुद व अपने परिवार के सदस्यों के नाम 6.03 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां बनाई थी।
सीबीआई की चार्जशीट में है वक्कामूला
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह समेत वक्कामूला चंद्रशेखर, चुन्नी लाल चौहान, जोगिंद्र सिंह और सह आरोपी लवण कुमार, प्रेम राज और राम प्रकाश भाटिया को सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति मामले में नामजद किया है। सीबीआई का आरोप है कि वीरभद्र सिंह ने बतौर केंद्रीय मंत्री 10 करोड़ की संपत्ति अर्जित की, जिसका कोई ब्योरा नहीं है।
वक्कामूला को प्रोजेक्ट किया था अलॉट
प्रदेश सरकार ने वक्कामूला चंद्रशेखर की कंपनी मेसर्ज वेंचर एनर्जी एंड टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड को चंबा के साई कोठी में 17 मेगावाट का प्रोजेक्ट आवंटित किया था, लेकिन वक्कामूला ने इस पर काम नहीं किया तो इस आवंटन को रद्द कर दिया। इसके बाद वक्कामूला अदालत चला गया और वीरभद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को दोबारा वक्कामूला को अलॉट कर दिया।