फारका की मुख्य सचिव बनने की राह आसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सबसे करीबी अतिरिक्त मुख्य सचिव वीसी फारका हिमाचल प्रदेश के अगले मुख्य सचिव हो सकते हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विनीत चौधरी का छुट्टियों का आवेदन अगर केंद्र सरकार से मंजूर हो जाता है तो फारका की राह आसान हो सकती है। हालांकि, वीसी फारका से आगे वरिष्ठता में पांच अन्य अधिकारी भी हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति या हिमाचल से बाहर ही सेवाएं देना पसंद कर रहे हैं। मुख्य सचिव पी. मित्रा मई में रिटायर हो रहे हैं।
अब चर्चा यह शुरू है कि अगले मुख्य सचिव कौन होंगे? वर्तमान में हिमाचल काडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में पी. मित्रा के बाद वरिष्ठता में क्रमश: दीपक सानन, अजय मित्तल, विनीत चौधरी, उपमा चौधरी, एआर सिहाग और वीसी फारका हैं। ये सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी हैं। इनमें से एआर सिहाग तो पहले ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वे संघ लोक सेवा आयोग के सचिव बन गए हैं। विनीत चौधरी निजी फर्म में जाने को सरकार को आवेदन कर चुके हैं।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उपमा चौधरी भी बन सकती हैं मुख्य सचिव
अजय मित्तल को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। बताते हैं कि उन्हें पीएमओ में नियुक्ति मिल सकती है। दीपक सानन को सरकार ने एक मामले में चार्जशीट किया है। इसलिए वे सीएस पद के प्रबल दावेदार नहीं माने जा रहे हैं। हालांकि, केंद्र से अभियोजन मंजूरी न मिलने से उनका इस चार्जशीट को वापस लेने का आवेदन सरकार के पास विचाराधीन है। वर्तमान हालात में मुख्य सचिव पद के दावेदार केवल दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उपमा चौधरी और वीसी फारका ही माने जा रहे हैं।
1983 बैच के आईएएस अधिकारी वीसी फारका मौजूदा समय में अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री हैं। उनके पास पर्यटन, सूचना एवं जनसंपर्क और जनजातीय विकास विभाग का भी कार्यभार है। अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि उपमा चौधरी भी इसी बैच की उनसे वरिष्ठ अधिकारी हैं और वे विनीत चौधरी की पत्नी हैं। पूर्व में विनीत चौधरी जब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे तो उपमा चौधरी भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहीं। हालांकि, वर्तमान में उनकी ओर से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का कोई आवेदन सरकार के पास लंबित नहीं है।