उड़ी हमले में घायल जवान बोला, सर्जिकल स्ट्राइक से मिला सुकून
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उड़ी सेक्टर में बीते 18 सितंबर को आर्मी कैंप पर आतंकी हमले में घायल हुए हिमाचल के ऊना के भद्रकाली निवासी हवलदार मंजीत सिंह रविवार को अपने घर सकुशल लौट आए हैं। मंजीत ने बताया कि आतंकी हमले से कुछ समय पहले ही वह अपने साथियों सहित ड्यूटी से कैंप में लौटे थे।
अचानक हुए हमले में वह जख्मी हो गए और इलाज के बाद सकुशल घर लौटे हैं। मंजीत ने बताया कि उनका मन उस समय हल्का हुआ, जब भारतीय सेना के पैरा कमांडो ने 29 सितंबर को पीओके सीमा के अंदर घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक कर दर्जनों आतंकियों को मार गिराया। अब जाकर उनके दिल को सुकून मिला है।
उधर, मंजीत के घर लौटते ही गांव में जश्न का माहौल है। मंजीत से मिलने के लिए रिश्तेदारों और लोगों का तांता लगा हुआ है। पत्नी अंजना देवी, बेटी तान्या, बेटा अरमान, पिता कैप्टन फतेह सिंह, ससुर श्रवण सिंह मंजीत के लौटने से बेहद खुश हैं और भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।
मंजीत ने बताया कि पत्नी से पता चला कि उनके घायल होने पर मीडिया और लोगों का प्यार एवं दुआएं मिलीं जिस वजह से वह जल्दी ठीक हो पाए। उन्होंने इसके लिए सभी का धन्यवाद किया।
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सोशल मीडिया पर छाया देशभक्ति का जज्बा
पीओके में सफल सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सोशल साइटों पर देशभक्ति का जज्बा छाया हुआ है। लिंक क्लीकिंग के जरिये बाकायदा पाकिस्तान के लिए संदेश बनाए जा रहे हैं। एक शख्स का संदेश है - ‘ जोएक बार गलती करे वो अंजान, दो बार करे वो नादान और बार-बार गलती करे वो किस्तान पर इस बार माफ नहीं करेगा हिंदोस्तान’।
इसके अलावा आधुनिक हथियारों से लैस तस्वीरें अपलोड कर जापान का साथ मिलने की जानकारी साझा की जा रही है। राजनीतिक बहस भी छिड़ गई है। कई लोगों ने फेसबुक पर अपलोड किया है कि यह सर्जिकल स्ट्राइक मनमोहन सरकार के कार्यकाल के दौरान भी हुई है।
लेकिन कभी ट्विटर का सहारा नहीं लिया। सोशल मीडिया पर दो अक्तूबर को स्वच्छ भारत मिशन भी मनाया गया। इस अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक हाथ में झाडू़ और कंधे पर हथियार उठाए कार्टून अपलोड किए गए हैं।