Shimla: प्रसव के बाद महिला की माैत पर कमला नेहरू अस्पताल में हंगामा, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
परिवार का कहना है कि महिला की हालत सुबह तक सामान्य थी, लेकिन तबीयत खराब होने के बावजूद अस्पताल स्टाफ ने उसे खाना खाने के लिए कहा।
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राजधानी के प्रतिष्ठित कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में ऑपरेशन के जरिये वीरवार रात 11:17 बजे चियोग निवासी अर्चना (27) ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया था। परिवार में खुशी का माहौल था। परिजनों का मानना था कि यह परिवार के लिए सबसे यादगार दिन होगा। लेकिन शुक्रवार सुबह 9 बजे यह खुशी मातम में बदल गईं जब अर्चना की अचानक मौत हो गई। मौत के बाद अर्चना के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इसके बाद अस्पताल में खूब हंगामा हुआ।
सुबह तक सब कुछ सामान्य लग रहा था। महिला 8 बजे तक परिवार से बात भी कर रही थी, हल्की मुस्कान के साथ अपने बेटे को देख रही थी। प्रसव कक्ष से अर्चना को वार्ड में शिफ्ट किया था। इसके एक घंटे बाद अर्चना की तबीयत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। इस पर अस्पताल परिसर में पति रवि अपनी पत्नी का चेहरा देखकर फूट-फूटकर रोने लगा। उन्होंने सवाल किया कि सुबह 8 बजे तक अर्चना जब बात कर रही थी तो फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप भी लगाया है। दोपहर करीब एक बजे परिजनों को शव को अस्पताल से लेने की अनुमति दी गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से भी मना कर दिया, कहा कि अब कुछ नहीं होने वाला। हम शिकायत भी करेंगे तो सब दबा दिया जाएगा। पति रवि ने कहा कि यह उसकी पत्नी की दूसरी डिलीवरी थी और वह पूरी तरह स्वस्थ थी। कहीं तो लापरवाही रही होगी जिससे उनकी पत्नी की मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला का पहला बच्चा भी केएनएच में ही ऑपरेशन के जरिये ही हुआ था।
सही प्रोटोकॉल के तहत किया उपचार : डॉ. सुंदर
कमला नेहरू अस्पताल के चिकित्सक अधीक्षक डॉ. सुंदर सिंह नेगी ने लापरवाही के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि सही प्रोटोकॉल के हिसाब से महिला का उपचार किया था। प्राथमिक जांच में यह आशंका है कि महिला की मौत दम घुटने (चोकिंग) से हुई होगी। महिला की मौत का संभावित कारण पल्मोनरी एंबोलिज्म हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) टूटकर फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में फंस जाता है। इससे अचानक फेफड़ों में खून का प्रवाह रुक जाता है और सांस लेने में कठिनाई या दम घुटने जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। परिवार ने पोस्टमार्टम से मना कर दिया है। मामले की आंतरिक जांच की जाएगी और तीन दिन में रिपोर्ट आएगी। प्रसव के बाद मौत का यह इस साल का केएनएच में पहला मामला है। महिला के परिजनों के अस्पताल स्टाफ पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच की जाएगी।