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Shimla News: रक्षा मंत्रालय के कमोडोर का एचपीयू दौरा, मौसम संशोधन तकनीक पर सहयोग की पहल
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विश्वविद्यालय में सामरिक अनुसंधान और विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने पर चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। रक्षा मंत्रालय मुख्यालय नई दिल्ली से कमोडोर वर्गीज मैथ्यू ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला का आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान मौसम संशोधन तकनीक, जलवायु सहनशीलता और राष्ट्रीय विकास से जुड़े अनुसंधान सहयोग पर चर्चा हुई।
सुबह पर्यावरण विज्ञान विभाग में आयोजित कार्यक्रम में कमोडोर मैथ्यू ने मौसम संशोधन तकनीक के विकास और राष्ट्रीय प्रगति में उसकी भूमिका विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बदलते जलवायु परिदृश्य में वैज्ञानिक तकनीकों के विकास और रणनीतिक उपयोग पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. महिंदर सिंह ठाकुर ने की। सत्र में प्राध्यापकों और शोधार्थियों ने भाग लिया। इसके बाद कमोडोर मैथ्यू ने कुलपति प्रो. महावीर सिंह से मुलाकात की। बैठक में रक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय के बीच अंतर्विषयी अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और सामरिक महत्व के क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर विचार हुआ। कुलपति ने संस्थागत सहयोग का आश्वासन दिया और बताया कि विश्वविद्यालय में हिमालयन सेंटर फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड रेजिलिएंस कार्यरत है, जो आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर शोध कर रहा है।
दोपहर बाद विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी संस्थान, पत्रकारिता, भौतिकी, फॉरेंसिक विज्ञान और भूगोल विभागों के प्राध्यापकों के साथ बैठक हुई। चर्चा में भू-स्थानिक अनुप्रयोग, संचार रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वैज्ञानिक अनुसंधान पर फोकस रहा। अध्ययन अधिष्ठाता प्रो. बीके शिवराम ने बताया कि विश्वविद्यालय मौसम संशोधन तकनीक और संबंधित सामरिक विषयों पर विशेष पाठ्यक्रम विकसित करने की संभावना पर विचार करेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। रक्षा मंत्रालय मुख्यालय नई दिल्ली से कमोडोर वर्गीज मैथ्यू ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला का आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान मौसम संशोधन तकनीक, जलवायु सहनशीलता और राष्ट्रीय विकास से जुड़े अनुसंधान सहयोग पर चर्चा हुई।
सुबह पर्यावरण विज्ञान विभाग में आयोजित कार्यक्रम में कमोडोर मैथ्यू ने मौसम संशोधन तकनीक के विकास और राष्ट्रीय प्रगति में उसकी भूमिका विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बदलते जलवायु परिदृश्य में वैज्ञानिक तकनीकों के विकास और रणनीतिक उपयोग पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. महिंदर सिंह ठाकुर ने की। सत्र में प्राध्यापकों और शोधार्थियों ने भाग लिया। इसके बाद कमोडोर मैथ्यू ने कुलपति प्रो. महावीर सिंह से मुलाकात की। बैठक में रक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय के बीच अंतर्विषयी अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और सामरिक महत्व के क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर विचार हुआ। कुलपति ने संस्थागत सहयोग का आश्वासन दिया और बताया कि विश्वविद्यालय में हिमालयन सेंटर फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड रेजिलिएंस कार्यरत है, जो आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर शोध कर रहा है।
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दोपहर बाद विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी संस्थान, पत्रकारिता, भौतिकी, फॉरेंसिक विज्ञान और भूगोल विभागों के प्राध्यापकों के साथ बैठक हुई। चर्चा में भू-स्थानिक अनुप्रयोग, संचार रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वैज्ञानिक अनुसंधान पर फोकस रहा। अध्ययन अधिष्ठाता प्रो. बीके शिवराम ने बताया कि विश्वविद्यालय मौसम संशोधन तकनीक और संबंधित सामरिक विषयों पर विशेष पाठ्यक्रम विकसित करने की संभावना पर विचार करेगा।
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