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हिमाचल में अब हर आदमी को होगा स्वास्थ्य बीमा, ये होगा फायदा

Sat, 06 Aug 2016 10:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 06 Aug 2016 10:42 AM IST
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Universal Health Protection Scheme in Himachal.

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम लागू करने की तैयारी में है। विभाग योजना के तहत कवर होने वाले लोगों का आंकलन करने के साथ उन्हें मिलने वाली सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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विभागीय सूत्रों की मानें तो योजना से प्रदेश के पांच लाख सत्तर हजार परिवारों को फायदा होगा। ये वे लोग होंगे, जो आरएसबीवाई, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा योजना अथवा अन्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना के दायरे में नहीं आते हैं।
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प्रदेश में अभी तक लोगों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री राज्य स्वास्थ्य सेवा योजना जैसी सेवाओं के जरिये निशुल्क चिकित्सकीय लाभ दिलाया जाता था। इन योजनाओं में अलग-अलग वर्ग और श्रेणी के लोगों को रखा जाता था।
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ऐसे में सामान्य तथा लोअर मिडिल क्लास के लोग वंचित रह जाते थे। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बीते बजट सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम लागू करने की घोषणा की थी। घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग वित्त विभाग के अफसरों के साथ योजना को लागू करने की कवायद में जुटा है।

क्या होगा योजना में खास

Universal Health Protection Scheme in Himachal.

योजना के तहत लाभार्थी को प्रतिदिन 1 रुपये के हिसाब से साल में 365 रुपये के लिए देने होंगे। इसके बाद अस्पताल में भर्ती रोगी को तीस हजार तक का स्वास्थ्य बीमार कवर मिलेगा। इसके अलावा गंभीर बीमारियों से ग्रसित होने पर 1.75 लाख रुपये का क्रिटिकल देखरेख पैकेज सरकार की ओर से मिलेगा।

कैबिनेट में जाएगा मामला
विभाग योजना को अंतिम रूप देने में लगा है। वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ योजना के कंपोनेंट पर भी निर्णय हो चुका है। सूत्रों की मानें तो विभाग के अधिकारी कोशिश कर रहे हैं कि सितंबर महीने तक विभाग इस योजना को लागू करने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव ला सकता है। इसके बाद वहां से मंजूरी मिलते ही योजना को प्रदेश भर में लागू कर दिया जाएगा।

प्रदेश में करीब पांच लाख परिवार ऐसे हैं, जो आरएसबीवाई या अन्य योजनाओं से वंचित हैं। इनमें पेंशनर्स और सरकारी नौकरीपेशा लोगों के परिवार भी शामिल हैं। ऐसे परिवारों को जोड़ने के लिए इस योजना का एक प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा गया है।- हंसराज शर्मा, मिशन निदेशक, एनएचएम

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