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हड़ताल करना मजबूरी, जनता करे सहयोग: बैंकर्स एसोसिएशन
Wed, 29 Jan 2020 05:43 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 29 Jan 2020 05:43 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
31 जनवरी और पहली फरवरी को दो दिन की हड़ताल पर जा रही बैंक यूनियनों ने जनता से सहयोग करने की अपील की है। बुधवार को प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के प्रदेश संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन की नीतियों के चलते मजबूरन हड़ताल करनी पड़ रही है।
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बीते तीस महीनों से यूनियनें वार्ता के जरिये मांगों को हल करने के पक्ष में थी लेकिन आईबीए की ओर से कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की जा रही। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी और पहली फरवरी को प्रदेश में सभी सार्वजनिक बैंक बंद रहेंगे। देश की नौ अधिकारी और कर्मचारी यूनियनें मिलकर दो दिन की हड़ताल पर जा रही हैं।
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एआईबीओसी के राज्य अध्यक्ष नरेंद्र चौहान, उपाध्यक्ष राकेश वर्मा, एसपी भलैक, एआईबीईए के महासचिव नरेंद्र वर्मा, अमर चंद और आईएस नेगी ने कहा कि अगर अभी मांगों को नहीं माना गया तो 11, 12 और 13 मार्च को दोबारा तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। मांगे फिर भी पूरी नहीं हुईं तो पहली अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। उन्होंने कहा कि बीस फीसदी बढ़ोतरी के साथ वेतन को रिवाइज किया जाए।
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सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग होनी चाहिए। स्पेशल अलाउंस को बेसिक पे में शामिल करना चाहिए। नई पेंशन स्कीम की जगह पुरानी योजना लागू होनी चाहिए। पेंशन का दोबारा निर्धारण होना चाहिए। अधिकारियों के लिए काम करने के घंटे तय होने चाहिए। अनुबंध कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देना चाहिए। बैंक यूनियनों के पदाधिकारियों ने कहा कि हड़ताल से ग्राहकों को परेशान करना उनका उद्देश्य नहीं है लेकिन मांगों की अनदेखी होने के चलते उन्हें विवश होकर यह कदम उठाना पड़ा है।