धूमल और नड्डा के CM बनने के सवाल पर कुछ इस तरह का मंत्र दे गए रविशंकर
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विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के सीएम चेहरे पर बने सस्पेंस से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी पर्दा नहीं उठाया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को चेहरा बनाए जाने पर उन्हें वरिष्ठ नेता बताकर छोड़ दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पर किसी ने सवाल तो नहीं किया, लेकिन प्रसाद ने उनका जिक्र खुद ही कर दिया।
प्रसाद कांग्रेस पर परिवारवाद को लेकर हमला कर रहे थे, तभी उन्हें एकाएक नड्डा की याद आई। बोले, केंद्रीय मंत्री नड्डा जब भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तो वे उपाध्यक्ष थे। आज दोनों ही सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं। भाजपा अपने नेताओं का कद बढ़ाती है, कांग्रेस की तरह एक परिवार को आगे नहीं रखती।
भाजपा हिसाब मांगे हिमाचल अभियान के तहत पत्रकार वार्ताओं की तीसरी कड़ी में पहुंचे प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका निर्णय पार्लियामेंट्री बोर्ड करेगा। हालांकि, पत्रकार वार्ता में उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोग जेपी नड्डा का कई बार जिक्र जरूर किया। एम्स से जुड़े सवालों पर नड्डा के बयानों को उन्होंने विटो किया। भाजपा में अपने कैडर को आगे बढ़ाने की बात से उन्हें नड्डा याद आए।
हर किसी के लिए खुले नहीं भाजपा के दरवाजे
भाजपा में गुणदोष के आधार पर नेताओं को लिया जाएगा। हर किसी को टिकट मिले, यह भी तय नहीं। प्रसाद ने कहा कि आज कांग्रेस एक डूबता जहाज हो गया है। इसमें सफर कर रहे कई नेता आज इस जहाज से उतरना चाहते हैं।
हार रही कांग्रेस पर राहुल से पूछने वाला कोई नहीं
प्रसाद ने कहा कि विदेश जाकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी खुद मान चुके हैं कि वे वंशवाद के चलते आज पार्टी के उपाध्यक्ष बने हैं। अगर उद्योगपति का बेटा उद्योगपति, वकील का वकील और अभिनेता का अभिनेता बनता है तो राजनेता का बेटा भी राजनीति में आ सकता है, लेकिन जब उद्योगपति का बेटा मेहनत नहीं करता तो उद्योग बैठ जाता है।
फिल्म अभिनेता के बेटे को भी खुद को साबित करना होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है, जिसमें राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी हर बार चुनाव हार रही है, लेकिन राहुल से कोई नहीं पूछ रहा कि वे क्यों हार रहे हैं। प्रसाद ने कहा कि आज भाजपा देश के 68 फीसदी हिस्से पर राज कर रही है और उनके 13 सीएम हैं और 4 डिप्टी सीएम हैं।