ऐसी परीक्षा जिसका छह साल से नहीं आया परिणाम
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हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम में चीफ इंस्पेक्टर के पद भरने को ली गई लिखित परीक्षा का परिणाम छह वर्ष बाद भी नहीं निकला है। इससे लिखित परीक्षा में बैठे हजारों बेरोजगार युवाओं में निराशा है। निगम ने 110 पद भरने के लिए 23 सितंबर, 2007 को लिखित परीक्षा ली थी। इसके लिए 9 सितंबर, 2007 को अधिसूचना जारी की थी।
लिखित परीक्षा में बैठे बेरोजगार निगम के कार्यालयों से भी परीक्षा परिणाम को लेकर संपर्क करते रहे, लेकिन अभी तक रिजल्ट ही नहीं निकाला गया है। निगम में खाली चल रहे चीफ इंस्पेक्टरों के पद अभी तक नहीं भरे गए हैं। लंबे अरसे से रिजल्ट न आने से बेरोजगारों में मायूसी है।
बेरोजगार लिखित परीक्षा के बाद रिजल्ट आउट करने को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से मिलते रहे हैं। प्रदेश भर में 10 हजार बेरोजगार लिखित परीक्षा में बैठे थे। लिखित परीक्षा के बाद इनमें से सैकड़ों बेरोजगारों को इंटरव्यू के लिए काल लेटर जारी होने थे। इंटरव्यू के बाद निगम में 110 बेरोजगारों को नौकरी मिलनी थी।
नहीं मिला नौकरी करने का मौका
लिखित परीक्षा में बैठे पवन कुमार, सुदेश कुमार, हेमराज और संजय शर्मा आदि ने बताया कि लिखित परीक्षा का परिणाम नहीं निकाला गया है।
इसके लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की थी। परिणाम न आने से उन्हें निगम में नौकरी करने का मौका नहीं मिला है। यही नहीं रिजल्ट के इंतजार में उनका काफी समय भी बर्बाद हुआ है।
इसकी भरपाई नहीं हो पाई है। सरकार अगर नौकरी नहीं दे सकती तो लिखित परीक्षाएं क्यों ली जा रही हैं। एचआरटीसी के कार्यकारी निदेशक रामकुमार गौतम ने बताया कि पुराने रिक्त पदों के लिए ली गई लिखित परीक्षा को रद्द माना जाएगा। आने वाले समय में पदों की संख्या के हिसाब से भर्ती की जाएगी।