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यूक्रेन संकट: सदन में सीएम जयराम बोले- प्रदेश के 441 विद्यार्थियों की हो चुकी सुरक्षित वापसी
Wed, 09 Mar 2022 08:05 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 09 Mar 2022 08:05 PM IST
सार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अब प्रदेश के केवल नौ विद्यार्थी वापस आने शेष हैं। इनमें से सात पोलैंड या रोमानिया पहुंच चुके हैं। यूक्रेन के सूमी शहर में प्रदेश के दो ही विद्यार्थी फंसे थे। विदेश मंत्रालय की सूचना के अनुसार सूमी क्षेत्र में फंसे सभी भारतीयों को निकाल लिया गया है और पश्चिमी सीमा की तरफ ले जाया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यूक्रेन संकट में हिमाचल के प्रभावित विद्यार्थियों की वस्तुस्थिति से सदन को अवगत कराया। बजट सत्र के दौरान बुधवार को उन्होंने सदन में कहा है कि प्रदेश के 441 विद्यार्थी यूक्रेन से सकुशल अपने घरों में पहुंच चुके हैं। केवल नौ विद्यार्थियों की ही अब वापसी होनी है। इनमें से सात पोलैंड या रोमानिया पहुंच चुके हैं। यूक्रेन के सूमी शहर में प्रदेश के दो ही विद्यार्थी फंसे थे। विदेश मंत्रालय की सूचना के अनुसार सूमी क्षेत्र में फंसे सभी भारतीयों को निकाल लिया गया है और पश्चिमी सीमा की तरफ ले जाया जा रहा है।
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उधर, यूक्रेन-रूस युद्ध बीच के सुमी शहर में फंसे 700 भारतीयों का दल सुरक्षित रेडक्रॉस के सहयोग से पोलैंड के लिए रवाना हुआ। गुरुवार तक ये पोलैंड के बॉर्डर पर पहुंचेंगे। जहां से एयरफोर्स के जरिये विशेष विमान में प्रशिक्षुओं को दिल्ली एयरपोर्ट लाया जाएगा। अमर उजाला से व्हाट्सएप मेसेज के जरिये चुराह निवासी धीरज कुमार पुत्र ललित ठाकुर ने सुमी से पोलैंड के लिए निकलने की जानकारी दी। बताया कि वह सुमी नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में फाइनल ईयर प्रशिक्षु है।
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उनका हॉस्टल सुमी शहर में है। युद्ध के 12 दिनों से वे सुमी शहर में फंसे रहे। बमबारी के कारण उनके हॉस्टल की बिल्डिंग भी हिलती रहती थी। उनके पास खाने के लिए खाना और पीने के लिए पानी नहीं था। सुमी शहर में हुई बर्फबारी के बीच वे बर्फ पिघलाकर पानी पीने को मजबूर थे। उन्हें रेडक्रास के सहयोग से हॉस्टलों से बस के जरिये सुमी शहर से पोलैंड के लिए रवाना किया गया। वीरवार तक पोलैंड पहुंचने की उम्मीद है।
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