फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Two X-ray machines are out of order, one is overburdened, patients are in distressTwo X-ray machines are out of order, one is overburdened, patients are in distress

Shimla News: दो एक्सरे मशीनें खराब, एक पर बढ़ा बोझ, मरीज बेहाल

Thu, 07 Aug 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Aug 2025 11:59 PM IST
विज्ञापन
Two X-ray machines are out of order, one is overburdened, patients are in distressTwo X-ray machines are out of order, one is overburdened, patients are in distress
खास खबर
विज्ञापन

आईजीएमसी में डी और बी ब्लॉक में लगी मशीनें पड़ी हैं बंद, इमरजेंसी में एक्सरे कराने के लिए लग रही लंबी लाइनें
अस्पताल प्रबंधन का दावा, आज से मिल जाएगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में वीरवार को बी-ब्लॉक की एक्सरे मशीन भी खराब हो गई। अस्पताल में तीन एक्सरे मशीनें हैं। अब पूरे अस्पताल में केवल एक एक्सरे मशीन इमरजेंसी विभाग में चल रही है। डी ब्लॉक में पहले एक्सरे मशीन खराब पड़ी है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि मशीनें ठीक करवाई जा रही हैं, शुक्रवार से मरीजों को राहत मिल जाएगी।


इमरजेंसी विभाग में बोझ बढ़ने से मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। इससे मरीजों को घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां रोजाना 500 से ज्यादा लोगों के एक्सरे होते हैं। मरीजों को एक्सरे के लिए बार डी-ब्लॉक, बी-ब्लॉक और इमरजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। डी-ब्लॉक की मशीन मंगलवार (5 अगस्त) से खराब है और बी-ब्लॉक की मशीन ने अब वीरवार से काम करना बंद कर दिया है। इससे एक्सरे कराने आए मरीजों की भीड़ एक ही जगह इमरजेंसी विभाग में इकट्ठा हो रही जहां न तो पर्याप्त जगह थी और न ही स्टाफ जांच का भारी दबाव संभाल पा रहा है।
विज्ञापन


एक्सरे मशीनों की सीमित उपलब्धता से मरीजों को बड़ी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। कई मरीज निजी लैब की ओर रुख कर रहे हैं, जहां जांच करवाना महंगा पड़ रहा है। आईजीएमसी में एक्सरे मुफ्त में होता है जबकि निजी क्लीनिकों में एक्सरे के लिए पांच सौ से सात सौ रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। एक्सरे और सीटी स्कैन जैसी जरूरी सेवाओं के बाधित होने से मरीजों का उपचार देरी से हो रहा है। डॉक्टरों को रिपोर्ट के बिना सही उपचार में देरी हो रही है, जिससे रोगियों की स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है। अस्पताल की भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (एमएस) डॉ. राहुल राव खुद दिनभर अस्पताल में राउंड पर रहे। उन्होंने स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी में भीड़ कम करने के लिए गार्ड और सुरक्षा कर्मचारियों को निर्देश दिए कि केवल मरीज और एक तीमारदार को ही अंदर प्रवेश दिया जाए। एमएस ने खुद मौजूद रहकर यह सुनिश्चित किया कि इमरजेंसी के भीतर अनावश्यक भीड़ न हो, ताकि गंभीर मरीजों के इलाज में कोई बाधा न आए।
विज्ञापन
विज्ञापन



तीन घंटे बाद भी नहीं आया नंबर
ठियोग से उपचार करवाने आई बिमला देवी ने बताया कि उनके पति का एक्सरे करवाना था लेकिन तीन घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद भी नंबर नहीं आया। पहले डी-ब्लॉक भेजा और फिर बी-ब्लॉक, जवाब मिला मशीन खराब है। इसके बाद इमरजेंसी में आई लेकिन यह लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं।


कोट
दोनों मशीनों को ठीक करने के लिए तकनीशियन बुला लिए हैं। मशीनें आज शाम तक ठीक कर दी जाएंगी। मरीजों की समस्याओं का हल प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
-राहुल राव, चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article