{"_id":"6adde7d51c1848830d06c976","slug":"nagar-nigam-news-shimla-shimla-news-c-19-sml1002-809834-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट भरेंगे अब निगम का खजाना, लिफ्ट-एस्केलेटर की कमाई का भी मांगा पैसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट भरेंगे अब निगम का खजाना, लिफ्ट-एस्केलेटर की कमाई का भी मांगा पैसा
विज्ञापन
खास खबर
रोपवे कार्पोरेशन से मांगा जाखू एस्केलेटर, मिडल बाजार और विकासनगर लिफ्ट से अब तक हुई कमाई का रिकॉर्ड
कुल कमाई से 55 फीसदी शेयर लेगा नगर निगम, 45 फीसदी हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन को मिलेगा, जल्द होगा एमओयू
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बने प्रोजेक्ट अब नगर निगम खजाना भरेंगे। शहर में चार नई बहुमंजिला पार्किंग के बाद अब नगर निगम एक एस्केलेटर और दो लिफ्ट से हो रही कमाई से भी शेयर वसूलने जा रहा है। इन प्रोजेक्ट से हो रही कमाई का 55 फीसदी हिस्सा नगर निगम के खाते में जमा होगा।
इसके लिए नगर निगम, स्मार्ट सिटी प्रबंधन और रोपवे कार्पोरेशन के बीच जल्द ही एमओयू पर हस्ताक्षर करने की तैयारी है। इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने रोपवे कार्पोरेशन से इन सभी योजनाओं से हुई कमाई का पूरा ब्योरा भी पेश करने को कहा है। शिमला शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तैयार हुए जाखू एस्केलेटर, विकासनगर और मिडल बाजार लिफ्ट का रोपवे कार्पोरेशन संचालन कर रहा है। इनसे हर साल लाखों रुपये की कमाई भी हो रही है। इनमें जाखू एस्केलेटर सबसे ज्यादा कमाई वाला प्रोजेक्ट है। रोपवे कार्पोरेशन ने अभी तक एक भी पैसा स्मार्ट सिटी प्रबंधन या नगर निगम को नहीं दिया है।
स्मार्ट सिटी प्रबंधन के अनुसार रोपवे कार्पोरेशन सिर्फ एक संचालक एजेंसी है। इसे सिर्फ संचालन के लिए तय कमीशन ही मिलेगा। बाकी कमाई का हिस्सा नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रबंधन में बांटा जाएगा। इस हिस्से में नगर निगम को ज्यादा पैसा मिलना है। नगर निगम को कुल कमाई में से 55 फीसदी हिस्सा मिलेगा। 45 फीसदी हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन को दिया जाएगा। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि इस बारे में स्मार्ट सिटी प्रबंधन से रिकॉर्ड मांगा गया है। जल्द ही नगर निगम को इन योजनाओं से भी लाखों रुपये की कमाई होने लगेगी।
विज्ञापन
इनसेट
करोड़ों में होगी कमाई, शहर में हो सकेंगे नए काम
शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तैयार हुई चार बड़ी पार्किंग एसडीए, ऑकलैंड, टुटू और संकटमोचन से होने वाली कमाई का 70 फीसदी हिस्सा भी निगम के खाते में जमा होना है। बाकी 30 फीसदी शेयर स्मार्ट सिटी प्रबंधन को दिया जाएगा। स्मार्ट सिटी मिशन से बनी पार्किंग, लिफ्ट और एस्केलेटर से हर साल नगर निगम के खाते में एक करोड़ रुपये से ज्यादा पैसा जमा होने की उम्मीद है। इससे शहर में नए कामों के लिए बजट उपलब्ध हो सकेगा। अभी नगर निगम के पास बजट की कमी है। खजाना खाली होने के कारण पार्षदों के भेजे कामों के प्रस्ताव नगर निगम दफ्तर में धूल फांक रहे हैं। महापौर सुरेंद्र चौहान का कहना है कि स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों से होने वाली कमाई आम जनता से जुड़े कामों पर खर्च होगी।
दो और लिफ्ट से होगी कमाई
शहर में लक्कड़ बाजार से रिज और ऑकलैंड टनल से लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी के लिए बन रही लिफ्ट भी इस साल के अंत तक तैयार हो जाएंगी। इनसे भी नगर निगम को हर साल लाखों रुपये की कमाई होगी।
विज्ञापन
रोपवे कार्पोरेशन से मांगा जाखू एस्केलेटर, मिडल बाजार और विकासनगर लिफ्ट से अब तक हुई कमाई का रिकॉर्ड
कुल कमाई से 55 फीसदी शेयर लेगा नगर निगम, 45 फीसदी हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन को मिलेगा, जल्द होगा एमओयू
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बने प्रोजेक्ट अब नगर निगम खजाना भरेंगे। शहर में चार नई बहुमंजिला पार्किंग के बाद अब नगर निगम एक एस्केलेटर और दो लिफ्ट से हो रही कमाई से भी शेयर वसूलने जा रहा है। इन प्रोजेक्ट से हो रही कमाई का 55 फीसदी हिस्सा नगर निगम के खाते में जमा होगा।
इसके लिए नगर निगम, स्मार्ट सिटी प्रबंधन और रोपवे कार्पोरेशन के बीच जल्द ही एमओयू पर हस्ताक्षर करने की तैयारी है। इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने रोपवे कार्पोरेशन से इन सभी योजनाओं से हुई कमाई का पूरा ब्योरा भी पेश करने को कहा है। शिमला शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तैयार हुए जाखू एस्केलेटर, विकासनगर और मिडल बाजार लिफ्ट का रोपवे कार्पोरेशन संचालन कर रहा है। इनसे हर साल लाखों रुपये की कमाई भी हो रही है। इनमें जाखू एस्केलेटर सबसे ज्यादा कमाई वाला प्रोजेक्ट है। रोपवे कार्पोरेशन ने अभी तक एक भी पैसा स्मार्ट सिटी प्रबंधन या नगर निगम को नहीं दिया है।
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी प्रबंधन के अनुसार रोपवे कार्पोरेशन सिर्फ एक संचालक एजेंसी है। इसे सिर्फ संचालन के लिए तय कमीशन ही मिलेगा। बाकी कमाई का हिस्सा नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रबंधन में बांटा जाएगा। इस हिस्से में नगर निगम को ज्यादा पैसा मिलना है। नगर निगम को कुल कमाई में से 55 फीसदी हिस्सा मिलेगा। 45 फीसदी हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन को दिया जाएगा। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि इस बारे में स्मार्ट सिटी प्रबंधन से रिकॉर्ड मांगा गया है। जल्द ही नगर निगम को इन योजनाओं से भी लाखों रुपये की कमाई होने लगेगी।
विज्ञापन
इनसेट
करोड़ों में होगी कमाई, शहर में हो सकेंगे नए काम
शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तैयार हुई चार बड़ी पार्किंग एसडीए, ऑकलैंड, टुटू और संकटमोचन से होने वाली कमाई का 70 फीसदी हिस्सा भी निगम के खाते में जमा होना है। बाकी 30 फीसदी शेयर स्मार्ट सिटी प्रबंधन को दिया जाएगा। स्मार्ट सिटी मिशन से बनी पार्किंग, लिफ्ट और एस्केलेटर से हर साल नगर निगम के खाते में एक करोड़ रुपये से ज्यादा पैसा जमा होने की उम्मीद है। इससे शहर में नए कामों के लिए बजट उपलब्ध हो सकेगा। अभी नगर निगम के पास बजट की कमी है। खजाना खाली होने के कारण पार्षदों के भेजे कामों के प्रस्ताव नगर निगम दफ्तर में धूल फांक रहे हैं। महापौर सुरेंद्र चौहान का कहना है कि स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों से होने वाली कमाई आम जनता से जुड़े कामों पर खर्च होगी।
दो और लिफ्ट से होगी कमाई
शहर में लक्कड़ बाजार से रिज और ऑकलैंड टनल से लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी के लिए बन रही लिफ्ट भी इस साल के अंत तक तैयार हो जाएंगी। इनसे भी नगर निगम को हर साल लाखों रुपये की कमाई होगी।