शिमला: नेरवा में पहाड़ी से पत्थर गिरने से दो महिलाओं की मौत, पांच लोग घायल
शिमला जिले के नेरवा के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने से हुए हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला ने सिविल अस्पताल नेरवा में दम तोड़ा।
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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के नेरवा से करीब 10 किलोमीटर दूर घूंटाडी-बजाथल मार्ग में पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। उधर, काजा-ग्रांफू मार्ग पर फंसे 35 यात्रियों को बीआरओ की टीम ने बुधवार देर रात 12:30 बजे रेस्क्यू किया। वहीं, मनाली-लेह मार्ग भी भूस्खलन के चलते बंद हो गया है। बुधवार रात प्रदेश में झमाझम बादल बरसे। हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच गुरुवार को प्रदेश में मौसम मिलाजुला रहा।
नेरवा के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने से हुए हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला ने सिविल अस्पताल नेरवा में दम तोड़ा। मृतका कमला देवी (40) पत्नी गोपीचंद और शुकरी देवी (70) पत्नी स्व. पन्नालाल गांव बावड़ा डाकघर नेरवा की रहने वाली थीं। बताया जा रहा है कि कुछ लोग निजी कार्यों और सड़क के निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मिलने सड़क से पैदल नेरवा आ रहे थे। लोग सत्कांलडी नाले के नजदीक पहुंचे तो ढांक टूटने से मलबा सड़क पर आ गिरा। हादसे में कई लोगों ने भागकर जान बचाई। हादसे में घायल बेला राम, पीतांबर और कुब्जा को आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया है। दो अन्य घायलों का नेरवा अस्पताल में उपचार चल रहा है। डीएसपी चौपाल राज कुमार ने मामले की पुष्टि की है ।
सिरमौर में भारी बारिश से कई सड़कें ठप
उधर, बारालाचा दर्रे में भूस्खलन के बाद एनएच के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। हल्की बर्फबारी के बीच करीब साढ़े छह घंटे तक कड़ाके की ठंड में 14 वाहनों में ग्रांफू में यात्री फंसे रहे। सोलन जिले के पांवटा में भारी बारिश से बाता नदी का जलस्तर बढ़ने से माजरा में सूखी खड्ड में उफान आ गया। इससे करीब 70 घरों और दुकानों में पानी घुस गया। हिमाचल में 21 जून तक बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट है। 23 जून तक प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।
बुधवार रात रोहतांग, बारालाचा और कुंजुम दर्रे में बर्फबारी हुई। सिरमौर जिले में गुरुवार को मूसलाधार बारिश से कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बुधवार देर रात शुरू हुई बारिश गुरुवार सुबह तक जारी रही। गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में सामान्य से पांच डिग्री की कमी दर्ज हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 35.4, कांगड़ा-बिलासपुर में 32.5, हमीरपुर में 31.8, सुंदरनगर में 31.7, चंबा में 30.2, नाहन में 29.0, शिमला में 23.0, धर्मशाला में 22.6, मनाली में 20.0, कल्पा में 17.7 और केलांग में 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
पांवटा में 107 मिमी बारिश
पांवटा साहिब में सबसे अधिक 107 मिलीमीटर बारिश हुई। धर्मपुर और संगड़ाह में 63, नाहन में 36, सुंदरनगर में 34, नारकंडा में 29, नयना देवी और कंडाघाट में 26, पालमपुर में 24, अर्की में 23, नालागढ़ में 22, मंडी-धर्मशाला-बिलासपुर में 21, मनाली में 19, सोलन में 16, शिमला में 14 और ऊना में 7.2 मिलीमीटर बारिश हुई।
छिनोग के बुजुर्ग की ढांक से गिरकर मौत
उधर, ग्राम पंचायत चइंजन के तहत ढांक से गिरकर एक बुजुर्ग भेड़ पालक की मौत हो गई। बुधवार को भेड़ चराने निकला बुजुर्ग शाम को घर नहीं लौटा। परिजनों ने जब तलाश की तो गुरुवार को ढांक के नीचे उसका शव मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा है। जानकारी के अनुसार दुला राम( 70) निवासी छिनोग, डाकघर ईड़ा बुधवार सुबह बकरियां चराने जंगल की तरफ गया था। जब वह देर शाम सात बजे तक घर नहीं पंहुचा तो परिजनों व गांव के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की।
इस दौरान जंगल में एक ढांक के नीचे लहूलुहान अवस्था में उसका शव मिला। लोगों ने घटना की सूचना नेरवा पुलिस को दी। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी नेरवा राजेंद्र शर्मा की अगुवाई में पुलिस दल ने घटनास्थल पर पंहुच कर स्थानीय लोगों की मदद से शव को खाई से बाहर निकाल कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिक्करी लाया। जहां पर पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंपा गया। एसडीपीओ चौपाल राज कुमार ने मामले की पुष्टि की है। तहसीलदार नेरवा अरुण कुमार ने मृतक के परिजनों को 10 हजार रुपये फौरी राहत के रूप में प्रदान किए है।