Lahul: दो सप्ताह पहले बीआरओ ने शुरू किया 13,050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रे की बहाली का कार्य
कोकसर से बीआरओ की मशीनरी बर्फ हटाते हुए 600 मीटर आगे तक निकल गई है। पिछले साल के मुकाबले दो सप्ताह पहले ही कोकसर से बर्फ हटाने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
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पर्यटकों के पसंदीदा स्थल 13,050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रे को बहाल करने के लिए बीआरओ ने शुक्रवार को अभियान शुरू कर दिया है। कोकसर से बीआरओ की मशीनरी बर्फ हटाते हुए 600 मीटर आगे तक निकल गई है। पिछले साल के मुकाबले दो सप्ताह पहले ही कोकसर से बर्फ हटाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। इस बार सर्दियों के दौरान बर्फबारी भी कम हुई है। ऐसे में रिकॉर्ड समय में रोहतांग दर्रा वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हो सकता है। कोकसर तक बीआरओ की मशीनरी वीरवार को ही पहुंच गई थी। इसके बाद अब बीआरओ की मशीनरी रोहतांग दर्रे की ओर रुख कर चुकी है।
शुक्रवार से टीम के जवानों ने सीमा सड़क संगठन की 94 सड़क निर्माण इकाई के कमान अधिकारी मेजर अखिल देव कौशल के निर्देश पर द्वितीय कमान अधिकारी, सहायक अभियंता (सिविल) बीडी धीमान की अगुवाई में रोहतांग फतह के लिए मोर्चा संभाला। इससे पहले नॉर्थ पोर्टल से कोकसर तक बर्फ हटाओ अभियान में बीआरओ ने स्नो कटर और बुलडोजर लगाए थे, जिन्होंने मात्र पांच दिन में कोकसर तक मार्ग बहाल कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई। दूसरी ओर मनाली लेह मार्ग बहाली ने भी गति पकड़ ली है। बीआरओ ग्रांफू काजा समदो मार्ग बहाली के लिए भी छोटा दड़ा तक 32 किलोमीटर बर्फ हटाकर स्पीति घाटी को जोड़ेगा।
सीमा सड़क संगठन की 94 सड़क निर्माण इकाई के कमान अधिकारी मेजर अखिल देव कौशल ने कहा कि इस वर्ष कम बर्फबारी के चलते दो सप्ताह पहले ही कोकसर तक सड़क बहाल कर दी गई है। शुक्रवार से रोहतांग दर्रा और ग्रांफू काजा मार्ग बहाली के लिए टीम आगे बढ़ चुकी है। कहा कि रोहतांग दर्रा बहाली मौसम पर निर्भर करेगी।