{"_id":"5d8902968ebc3e93ba1b1d89","slug":"two-and-a-half-rupees-hike-in-petrol-and-diesel-rate-in-himachal-from-october","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल में ढाई रुपये तक महंगा होगा पेट्रोल-डीजल, वैट बढ़ाने का प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल में ढाई रुपये तक महंगा होगा पेट्रोल-डीजल, वैट बढ़ाने का प्रस्ताव
Tue, 24 Sep 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh
प्रखर, दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
प्रखर, दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 24 Sep 2019 05:00 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवरात्रों में हिमाचल सरकार प्रदेश की जनता को एक बड़ा झटका देने जा रही है। अक्तूबर के पहले हफ्ते से प्रदेश में पेट्रोल और डीजल के दामों में ढाई रुपये तक की बढ़ोतरी हो जाएगी। सरकार ने पेट्रोल पर 1.9 और डीजल पर 2.04 फीसदी वैट बढ़ोतरी लागू करने का प्रस्ताव किया है।
विज्ञापन
मंत्रिमंडल ने पिछली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने जनता से 10 दिन में वैट दरों में बदलाव पर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद नई दरों की अधिसूचना जारी हो सकती है।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव आबकारी एवं कराधान संजय कुंडू ने वैट बढ़ोतरी के प्रस्ताव की पुष्टि की है। वर्तमान में पेट्रोल पर 23.1 और डीजल पर 11.6 प्रतिशत वैट लगता है। प्रस्ताव है कि अब पेट्रोल पर वैट को 25 और डीजल पर 14 फीसदी कर दिया जाए।
विज्ञापन
सरकार को 25 करोड़ रुपये प्रति महीने के नुकसान से राहत मिलेगी
इससे सरकार को 25 करोड़ रुपये प्रति महीने के नुकसान से राहत मिलेगी। हालांकि, नई दरें लागू होने के बावजूद प्रदेश सरकार को एक करोड़ रुपये प्रति महीने का नुकसान होगा। वैट बढ़ने के बावजूद प्रदेश में डीजल-पेट्रोल के दाम पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम ही रहेंगे।
अक्तूबर 2018 में केंद्र सरकार की ओर से 2.50 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद प्रदेश सरकार ने भी पेट्रोल और डीजल पर वैट ढाई रुपये कम कर दिया था। केंद्र और प्रदेश सरकार ने डीजल और पेट्रोल के रेट में पांच-पांच रुपये की कमी महंगाई पर लगाम लगाने के लिए की थी।
इस फैसले के बाद प्रदेश में माल ढुलाई की दरें कम हो गई थीं। इसकी वजह से प्रदेश सरकार को हर महीने करीब 25 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा था।
अक्तूबर 2018 में केंद्र सरकार की ओर से 2.50 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद प्रदेश सरकार ने भी पेट्रोल और डीजल पर वैट ढाई रुपये कम कर दिया था। केंद्र और प्रदेश सरकार ने डीजल और पेट्रोल के रेट में पांच-पांच रुपये की कमी महंगाई पर लगाम लगाने के लिए की थी।
इस फैसले के बाद प्रदेश में माल ढुलाई की दरें कम हो गई थीं। इसकी वजह से प्रदेश सरकार को हर महीने करीब 25 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा था।