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मेरी संपत्ति की जिस मर्जी से जांच करा लें सीएम: धूमल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 13 Nov 2015 07:14 PM IST
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नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जिस मर्जी एजेंसी से मेरी संपत्ति की जांच करा लें। अगर मेरी संपत्ति बेनामी मिलती है तो उसे जब्त कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। धूमल ने कहा कि जिस व्यक्ति ने मेरी संपत्ति को लेकर शिकायत की है, उसने शिकायत के साथ कोई शपथ पत्र नहीं दिया है।
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मुख्यमंत्री झूठी बयानबाजी करके जांच एजेंसी को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। वह एक झूठ को सौ बार बोलकर उसे सच साबित नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि हमें अच्छा लगेगा यदि हमारी आयकर रिटर्न में दर्शाई गई और घोषित संपत्ति के अतिरिक्त कोई संपत्ति मिलती है और वह कानूनी तौर पर हमारी होगी तो उसे पाकर इन्हें धन्यवाद भी देंगे।
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2003 से 2007 के अंत तक वीरभद्र सिंह एक हार्ड डिस्क का दुष्प्रचार करते रहे और अधिकारियों पर मामला दर्ज करने का दबाव डालते रहे लेकिन सीएफएसएल हैदराबाद की रिपोर्ट के मुताबिक उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था। उस समय के ईमानदार अधिकारियों ने झूठा मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया। कहा कि लोगों का ध्यान हटाने के लिए यह झूठा दुष्प्रचार पहले की तरह ही असफल साबित होगा।
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मैं सीएम की मानसिक स्थिति और समस्या को समझ सकता हूं लेकिन इसके लिए दूसरों को दोष देना उचित नहीं है। उनके तीन साल का सेब का उत्पादन 47 लाख 35 हजार का था, वह बढ़कर तीन साल बाद 6.50 करोड़ से ज्यादा हो गया तो क्या यह हमारा दोष है?
अगर सैकड़ों टन सेब ढोने के लिए स्कूटरों का इस्तेमाल किया तो क्या यह हमने करवाया? उन्होंने अपना आवासीय मकान एक बिजली पैदा करने वाली कंपनी को किराये पर दे दिया तो क्या यह हमारा षड्यंत्र था? सीएम को इस पर आत्म मंथन और आत्म चिंतन करना चाहिए।