जान से मारने का इरादा उनका हो सकता है, मेरा नहीं : वीरभद्र
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मुख्यमंत्री और उनके परिवार से खुद की जान को खतरा बताने वाले भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर पर वीरभद्र सिंह ने कड़ा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जान से मारने का इरादा उनका हो सकता है, मेरा नहीं। मुझे हिमाचल के लोग दशकों से जानते हैं।
लोगों की सेवा में समर्पित रहा हूं और प्रदेश में शांति बनाए रखने के लिए प्रयासरत रहा हूं। इस तरह की बयानबाजी बेनुनियाद है। मुख्यमंत्री सोमवार को ट्रिब्यूनल सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एचपीसीए को कंपनी और एसोसिएशन बनाने में अनियमितताएं हुई हैं। ये किसी से छिपी नहीं हैं।
आरामगाह बनाने के लिए नहीं दी जमीन
अनुराग ठाकुर की ओर से क्रिकेट अकादमी खोलने के लिए जमीन मांगे जाने पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि जमीन तो पहले ही दे दी गई है। उन्होंने कहा कि इसे आरामगाह बनाने के लिए नहीं दिया गया था। वीरभद्र ने कहा कि वे क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ नहीं हैं।
कर्मचारियों को सस्ता न्याय दिलाने को खोला ट्रिब्यूनल
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि घोषणापत्र में कर्मचारियों को जल्दी और सस्ता न्याय देने की बात की गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने अपना वादा पूरा करते हुए प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की स्थापना की है।
नाहन में गोला-बारूद की रिपोर्ट मांगी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि नाहन में गोला-बारूद पकड़ने के मामले में मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई अपराध होगा या अवैध कार्य होगा, सरकार ऐसे मामलों पर सख्ती से निपटेगी।
छोटे पदों के साक्षात्कार पर विचार करेंगे
केंद्र सरकार की ओर से छोटे पदों के लिए साक्षात्कार न लेने के ऐलान पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि इसे समाचार पत्रों में ही पढ़ा है। सरकार इस पर विस्तार से चर्चा करेगी। उसी के बाद कुछ कहा जा सकेगा।