{"_id":"630a24f78b014a2c127f25cb","slug":"trolley-will-be-able-to-carry-oxygen-cylinder-up-to-seven-km-in-one-hour-included-in-cm-startup","type":"story","status":"publish","title_hn":"NIT Hamirpur: ऑक्सीजन सिलिंडर को एक घंटे में सात किमी तक ले जा सकेगी ट्रॉली, सीएम स्टार्टअप में हुई शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
NIT Hamirpur: ऑक्सीजन सिलिंडर को एक घंटे में सात किमी तक ले जा सकेगी ट्रॉली, सीएम स्टार्टअप में हुई शामिल
Sun, 28 Aug 2022 05:00 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 28 Aug 2022 05:00 AM IST
सार
उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक ने शनिवार को संस्थान में इस इलेक्ट्रिक ट्रॉली के सिद्धांत तथा संचालन विधि का जायजा लिया। इस ट्रॉली का बैटरी से चलने वाला बेहतर संस्करण बनाकर तैयार किया है
विज्ञापन
उपायुक्त हमीरपुर ने किया इलेक्ट्रिक ट्रॉली का निरीक्षण।
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के जिला प्रशासन हमीरपुर और एनआईटी हमीरपुर के सहयोग से ऑक्सीजन सिलिंडर के परिवहन के लिए बनाई गई इलेक्ट्रिक ट्रॉली मुख्यमंत्री स्टार्ट अप में शामिल हो गई है। इस ट्रॉली का बैटरी से चलने वाला बेहतर संस्करण बनाकर तैयार किया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने वित्तीय सहायता प्रदान की है। उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक ने शनिवार को संस्थान में इस इलेक्ट्रिक ट्रॉली के सिद्धांत तथा संचालन विधि का जायजा लिया।
विज्ञापन
उपायुक्त ने बताया कि अकसर अस्पतालों में यह देखने में आता है कि ऑक्सीजन सिलिंडर को मरीजों तक लाने ले जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इस समस्या से निजात पाने के लिए जिला प्रशासन ने एनआईटी को आइडिया दिया था कि ऐसी ट्रॉली विकसित की जाए, जिससे ऑक्सीजन सिलिंडर को मरीजों तक लाने ले जाने में सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को उद्योग विभाग ने सीएम स्टार्टअप योजना के अंतर्गत ले लिया है। उपायुक्त ने ट्रॉली का निर्माण करने के लिए एनआईटी के छात्रों की प्रशंसा की। एनआईटी के छात्र रजत ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से आईओ 2 ट्रॉली को बनाना संभव हो पाया है। यह ट्रॉली एक घंटे में सात किलोमीटर का सफर तय कर सकती है तथा कोई भी इसे आसानी से चला सकता है।
विज्ञापन