अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे परिवहन मंत्री बाली
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जी हां ये बिल्कुल सच है। प्रदेश के परिवहन मंत्री बाली जीएस बाली ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। इसके पीछे एक खास वजह है। परिवहन मंत्री जीएस बाली आगामी करने जा रहे हैं। वे अपनी इस यात्रा से श्रम महकमे और अपनी ही सरकार को आईना दिखाने का संकेत दे रहे हैं।
यात्रा किन-किन जिलों में और कैसे जाएगी इसका कार्यक्रम जल्द तय किया जाएगा। बताते चलें कि ऐसी ही यात्रा बाली ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी निकाली थी और उसे सफल बताते थे। बाली ने शनिवार को यहां मीडिया से कहा कि प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब प्रदेश में साढ़े नौ लाख युवा बेरोजगार थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 11 लाख तक पहुंच गई है।
दिन ब दिन बढ़ रहे बेरोजगार
उन्होंने कहा कि प्रदेश में किस तरह से रोजगार बढ़ाया जा सकता है, इसके बारे में समय-समय पर वह कैबिनेट में अपनी राय देते रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया कि प्रदेश के छात्रों, युवाओं, बेरोजगारों और बुद्धिजीवी वर्ग की भी इस मसले पर राय ली जाए। बाली ने मुख्यमंत्री से भी अनुरोध किया कि वे उनके विभागों की समीक्षा करें कि पिछलें दो वर्षों में कितना अच्छा या खराब काम किया है।
उन्होंने कहा कि ‘सोनिया गांधी के आशीर्वाद’ से जो भी महकमे उन्हें दिए गए हैं, उनमें दो साल के भीतर शत-प्रतिशत काम किए गए हैं। साढ़े तीन सौ करोड़ से अधिक का बजट अफसरों ने केंद्र से लाया है। बाली ने कहा कि शिमला के ज्यूरी और गुम्मा में से किसी एक ही जगह पर इंजीनियरिंग कॉलेज खोल पाना संभव है। हालांकि, सीएम दोनों जगह का ऐलान कर चुके हैं।
कुछ नेताओं को मुझसे दिक्कत
बाली ने कहा कि हिमाचल के कुछ नेताओं को मुझसे दिक्कत है। वे मुझसे अनकंफर्ट है। ये लोग सरकार के भीतर भी हैं और बाहर भी। पार्टी में भी हैं और पार्टी के बाहर भी। लेकिन उनसे मुझे कोई परेशानी नहीं है। बाली ने कहा कि कर्मचारियों को आउटसोर्स करना गलत कदम है।
उन्होंने बिजली बोर्ड का उदाहरण दिया कि एक उपभोक्ता को हजारों का बिल भेज रहे हैं। आईपीएच सहित अन्य विभागों में किए गए आउटसोर्स और ठेकेदारी प्रथा पर भी बाली ने जोरदार वार किया। उन्होंने कहा कि इस कदम से प्रदेश में बेरोजगारों की फौज खड़ी हो रही है।