राहत: लेट नहीं होंगे आप, टाइम से चलेंगी बसें
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लोकल बसों में सफर करने वाले शहर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। इन्हें बसों में ओवरलोडिंग से छुटकारा मिलेगा। ओवर स्पीड से भी राहत मिलेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि बस ऑपरेटर को समय का ख्याल रखना होगा।
इससे लोगों को राहत मिलेगी। बस एक स्टेशन पर ज्यादा देर नहीं रुक सकेगी। जाहिर है इससे ओवरलोडिंग नहीं होगी और सफर आरामदायक होगा।
आप समय पर अपने गंतव्य पहुंच सकेंगे। शहर में दौड़ने वाली 250 एचआरटीसी और प्राइवेट बसों का नए सिरे से ज्वाइंट टाइम टेबल तैयार होगा। समयसारिणी के अलावा बसों की फ्रीक्वेंसी भी तय होगी।
परिवहन विभाग की रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया है। लोकल बसों में भारी ओवरलोडिंग और ओवर स्पीड के कारण परेशानी झेल रहे शहर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है।
परिवहन विभाग शहर के सभी रूटों पर बसों की फ्रीक्वेंसी भी तय करने जा रहा है। इसके बाद चालक बस को लंबे समय तक खड़ी रख कर ओवरलोडिंग भी नहीं कर पाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी
रोड़ ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने जिला शिमला और किन्नौर के बस आपरेटरों की ओर से रूटों में संशोधन के लिए प्रस्तुत 53 मामलों को मंजूरी दी है।
ट्रांसपोर्ट पॉलिसी में लंबे समय से घाटे में चल रहे रूटों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए बस रूटों में संशोधन को मंजूर किया गया है।
आरटीए सदस्य अरुण चौहान और नागरु राम का कहना है कि सरकार को एचआरटीसी के साथ प्राइवेट ऑपरेटरों के हितों की भी चिंता है। लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए रूटों में संशोधन को स्वीकृति दी गई है।
हिमाचल बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष जैसी राम शर्मा का कहना है कि आरटीए में किन्नौर, रामपुर और रोहड़ूू के बस आपरेटरों की मांगें मान ली गई हैं।
2013 में भी हुई थी ऐसी ही कसरत
लोकल बसों के लिए ज्वाइंट टाइम टेबल बनाने की 2013 में भी कसरत की गई थी। टाइम टेबल को लेकर बस ऑपरेटर दो धड़ों में बंट गए। एक धड़ा टाइम टेबल लागू करने के पक्ष में था तो दूसरा विरोध में। आपरेटरों की आपसी खींचतान में टाइम टेबल लागू नहीं हो पाया।
टाइम टेबल के बाद रूटों में संशोधन
आरटीए की बैठक में शहर के 43 ऑपरेटरों ने अपनी बसों के रूटों में संशोधन के मामले भेजे थे। आरटीए ने शहर में ज्वाइंट टाइम टेबल लागू होने के बाद रूटों में संशोधन करने का फैसला लिया है।
लोकल रूटों पर एचआरटीसी और प्राइवेट बसें मनमाने तरीके से नहीं दौड़ पाएंगी। परिवहन विभाग की ओर से निर्धारित टाइम टेबल पर ही बसों का संचालन होगा। आपसी कंपीटीशन पर रोक लगेगी। इससे लोगों को राहत होगी।