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Shimla News: बनूटी में महिलाएं चीड़ की पत्तियों और तिरंगे के तीन रंगों के धागों से बना रहीं बैज
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स्वतंत्रता दिवस पर मांग, कुल्लू की डिसी हैंडिक्राफ्ट संस्था ने मंगाए सैंपल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बनूटी की महिलाएं खास बैज तैयार कर रही हैं। यह बैज चीड़ की पत्तियों और तिरंगे के तीन रंगों के धागों से बनाए जा रहे हैं। इन बैजों की मांग स्वतंत्रता दिवस के लिए आई है। इन बैजों के सैंपल कुल्लू की डिसी हैंडिक्राफ्ट संस्था ने मंगाए हैं।
महिलाएं इन बैजों को बनाने के लिए चीड़ की पत्तियों, रिबन और ऊन के धागों का इस्तेमाल कर रही हैं। इन्हें बनाने के लिए महिलाओं ने देश के राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों के सुंदर धागों का चयन किया है। इस विशेष बैज को बनाने के करीब एक घंटे का समय लग रहा है। यह बैज बनूटी में हेल्पिंग हैंड वेलफेयर और एजुकेशन संस्था शिमला की ओर से आयोजित प्रशिक्षण के दौरान तैयार किए जा रहे हैं। प्रशिक्षिका सुनीता शर्मा इन महिलाओं को बैज बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रशिक्षिका सुनीता शर्मा ने बताया कि महिलाओं को बैज बनाने के लिए पहले ड्राफ्टिंग सिखाई गई। इसके बाद टांका लगाना और चीड़ की पत्तियों का संलग्न कर आकर्षक बैज निर्माण सिखाया जा रहा है। बताया कि महिलाओं की मेहनत के बाद कुल्लू की संस्था ने बैज तैयार करने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए उन्होंने अभी बैज के सैंपल मंगाए हैं। इसके बाद मांग के हिसाब से ऑर्डर तैयार किया जाएगा जिससे महिलाओं को आर्थिक लाभ होने की उम्मीद है। बैज का मूल्य 70 प्रति बैज तय किया है। हेल्पिंग हैंड संस्था के संस्थापक कपिल कुमार ने बताया कि महिलाएं पूरी लगन से पाइन नीडल उत्पाद बनाना सीख रही हैं। उनके हुनर की वजह से उनके लिए आय के रास्ते खुलने शुरू हो गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बनूटी की महिलाएं खास बैज तैयार कर रही हैं। यह बैज चीड़ की पत्तियों और तिरंगे के तीन रंगों के धागों से बनाए जा रहे हैं। इन बैजों की मांग स्वतंत्रता दिवस के लिए आई है। इन बैजों के सैंपल कुल्लू की डिसी हैंडिक्राफ्ट संस्था ने मंगाए हैं।
महिलाएं इन बैजों को बनाने के लिए चीड़ की पत्तियों, रिबन और ऊन के धागों का इस्तेमाल कर रही हैं। इन्हें बनाने के लिए महिलाओं ने देश के राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों के सुंदर धागों का चयन किया है। इस विशेष बैज को बनाने के करीब एक घंटे का समय लग रहा है। यह बैज बनूटी में हेल्पिंग हैंड वेलफेयर और एजुकेशन संस्था शिमला की ओर से आयोजित प्रशिक्षण के दौरान तैयार किए जा रहे हैं। प्रशिक्षिका सुनीता शर्मा इन महिलाओं को बैज बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रशिक्षिका सुनीता शर्मा ने बताया कि महिलाओं को बैज बनाने के लिए पहले ड्राफ्टिंग सिखाई गई। इसके बाद टांका लगाना और चीड़ की पत्तियों का संलग्न कर आकर्षक बैज निर्माण सिखाया जा रहा है। बताया कि महिलाओं की मेहनत के बाद कुल्लू की संस्था ने बैज तैयार करने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए उन्होंने अभी बैज के सैंपल मंगाए हैं। इसके बाद मांग के हिसाब से ऑर्डर तैयार किया जाएगा जिससे महिलाओं को आर्थिक लाभ होने की उम्मीद है। बैज का मूल्य 70 प्रति बैज तय किया है। हेल्पिंग हैंड संस्था के संस्थापक कपिल कुमार ने बताया कि महिलाएं पूरी लगन से पाइन नीडल उत्पाद बनाना सीख रही हैं। उनके हुनर की वजह से उनके लिए आय के रास्ते खुलने शुरू हो गए हैं।
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