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कई किमी तक लग रही वाहनों की कतार, मुश्किल हुआ सेब बेचना
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शिमला। शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में सेब बेचना बागवानों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। सेब की आमद में बढ़ोतरी के बाद मंडी में प्रवेश के लिए सेब से लदी गाड़ियों की लंबी कतारें लग रही हैं। रविवार को भी मंडी से ढली टनल की ओर पिकअप गाड़ियों की करीब एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। शिमला पहुंचने से पहले सेब की गाड़ियों को छराबड़ा बैरियर पर रोका जा रहा है। बागवानों का आरोप है कि प्रशासन व्यवस्था बनाने के नाम पर परेशानी बढ़ा रहा है।
जुब्बल के बागवान प्रमोद सोनी का कहना है कि भट्ठाकुफर मंडी में सेब बेचना परेशानी का सबब बन गया है। छराबड़ा में घंटों इंतजार करवाया जा रहा है। मंडी में भी तुरंत एंट्री नहीं दी जाती। हमीरपुर के पिकअप चालक विजय कुमार ने बताया कि हर साल सेब सीजन के दौरान से ढुलाई के लिए आते हैं।
रोहड़ू से सेब की गाड़ी शिमला पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। 5 घंटे का सफ र तय करने में 12 घंटे लग रहे हैं। कई बार तो गाड़ी में ही रात काटनी पड़ जाती है। पिछले सीजन में एक दिन में दो चक्कर भी लग जाते थे लेकिन इस सीजन में एक चक्कर के लिए 2 दिन लग रहे हैं। बनालघाटी मतियाना के बागवान संजीव कुमार ने बताया कि सीजन में मंडी तक सेब पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। आढ़ती 11:00 बजे मंडी पहुंचते हैं और 4:00 बजे माल खरीदना बंद कर देते हैं। छराबड़ा में भी लंबा इंतजार करना पड़ता है। मतियाना के बागवान लकी बसंल ने बताया कि इस सीजन में व्यवस्थाएं सही न होने के कारण दिक्कत पेश आ रही है। पिछले साल के मुकाबले पुलिस की तैनाती कम है जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या पेश आ रही है। एपीएमसी शिमला और किन्नौर के सचिव ओम प्रकाश बंसल ने बताया कि सीजन के दौरान व्यवस्थाएं बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। बागवानों को पेश आ रही समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से आग्रह किया जाएगा।
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जुब्बल के बागवान प्रमोद सोनी का कहना है कि भट्ठाकुफर मंडी में सेब बेचना परेशानी का सबब बन गया है। छराबड़ा में घंटों इंतजार करवाया जा रहा है। मंडी में भी तुरंत एंट्री नहीं दी जाती। हमीरपुर के पिकअप चालक विजय कुमार ने बताया कि हर साल सेब सीजन के दौरान से ढुलाई के लिए आते हैं।
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रोहड़ू से सेब की गाड़ी शिमला पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। 5 घंटे का सफ र तय करने में 12 घंटे लग रहे हैं। कई बार तो गाड़ी में ही रात काटनी पड़ जाती है। पिछले सीजन में एक दिन में दो चक्कर भी लग जाते थे लेकिन इस सीजन में एक चक्कर के लिए 2 दिन लग रहे हैं। बनालघाटी मतियाना के बागवान संजीव कुमार ने बताया कि सीजन में मंडी तक सेब पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। आढ़ती 11:00 बजे मंडी पहुंचते हैं और 4:00 बजे माल खरीदना बंद कर देते हैं। छराबड़ा में भी लंबा इंतजार करना पड़ता है। मतियाना के बागवान लकी बसंल ने बताया कि इस सीजन में व्यवस्थाएं सही न होने के कारण दिक्कत पेश आ रही है। पिछले साल के मुकाबले पुलिस की तैनाती कम है जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या पेश आ रही है। एपीएमसी शिमला और किन्नौर के सचिव ओम प्रकाश बंसल ने बताया कि सीजन के दौरान व्यवस्थाएं बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। बागवानों को पेश आ रही समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से आग्रह किया जाएगा।
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