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Himachal News: एमएसपी पर 10 से 30 फीसदी लाभांश पर ही शराब बेच सकेंगे कारोबारी

Tue, 09 Apr 2024 09:53 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 09 Apr 2024 09:53 AM IST
सार

प्रदेश में एमएसपी (न्यूनतम विक्रय मूल्य) पर 10 से 30 फीसदी लाभांश पर ही कारोबारी शराब बेच सकेंगे।

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Traders will be able to sell liquor only at 10 to 30 percent dividend on MSP in himachal
शराब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में एमएसपी (न्यूनतम विक्रय मूल्य) पर 10 से 30 फीसदी लाभांश पर ही कारोबारी शराब बेच सकेंगे। कर एवं आबकारी विभाग ने ओवरचार्जिंग रोकने को शराब ठेकों के बाहर विभिन्न श्रेणी के शराब ब्रांड को लेकर लाभांश की प्रतिशतता के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। इस साल से पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ की तर्ज पर ठेकेदारों को खुद लाभांश तय करने का हिमाचल प्रदेश सरकार ने अधिकार दिया है। पहले शराब बोतलों पर एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) लिखा जाता था। अब शराब की बोतलों पर न्यूनतम विक्रय मूल्य ही प्रिंट किया गया है। एमएसपी से बहुत ज्यादा मार्जिन पर शराब बेचने वाले ठेकेदारों को लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी भी दी गई है।

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पड़ोसी राज्यों से मुकाबले और अवैध शराब की निगरानी को राज्य सरकार ने बीते दिनों आबकारी नीति में बदलाव किया था। पहली अप्रैल से प्रदेश में नई व्यवस्था लागू हो गई है। कर एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि इस बदलाव से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अगर किसी ठेके में महंगे दाम पर शराब बेची जा रही होगी तो ग्राहक दूसरे ठेके पर जाकर भी रेट पता कर सकेगा। इस परिस्थिति में ग्राहक को जिस ठेके पर सस्ते दाम पर शराब मिलेगी, वह वहीं से खगीदेगा। नए प्रावधान से इस साल करीब 2800 करोड़ रुपये के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2023-24 के दौरान शराब से सरकार को 2600 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था।

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विदेशी शराब पर 10, देसी शराब पर 30 फीसदी होगा लाभांश
विदेश से आने वाली व्हिस्की, रम, वोदका, जिन, बीयर, वाइन और सिडार पर एमएससी से 10 फीसदी लाभांश तय किया गया है। देसी शराब पर लाभांश 30 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। देश में बनी बीयर पर लाभांश 30 फीसदी तय किया गया है।
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अंग्रेजी शराब पर लाभांश 15 और 30 फीसदी से ज्यादा नहीं
देश में बनाई जाने वाली अंग्रेजी शराब को विभाग ने दो वर्गों में बांटा है। इसमें लो ब्रांड की शराब पर 15 फीसदी और हाई ब्रांड की शराब पर 30 फीसदी लाभांश तय किया है। लोे ब्रांड की शराब वह होगी, जिसका एमएसपी 500 रुपये तक होगा। 500 रुपये से अधिक एमएसपी वाली अंग्रेजी शराब को हाई ब्रांड के तहत रखा गया है।

शराब का ब्रांड             एमएसपी (न्यूनतम विक्रय मूल्य)
ब्लैक डॉग                    1254
100 पाइपर                 1228
ब्लैंडर प्राइड                 856
8 पीएम प्रीमियम ब्लैक 551
रॉयल चैलेंज                560
ऑल सीजन                 560
आफिसर च्वाइस             432

इन नंबरों पर कर सकते हैं ओवरचार्जिंग की शिकायत
कांगड़ा जोन : 01894 230186
- मंडी जोन : 01905 223499
- शिमला जोन : 0177 2620775

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