अब शिमला आने वाले सैलानियों को भरनी पड़ेगी ग्रीन फीस, यहां होगी जमा
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अब बाहरी राज्यों से शिमला आने वाले सैलानियों को ग्रीन फीस चुकानी होगी। यहां पैट्रोल पंपों, बैंकों और लोकमित्र केंद्रों पर भी ग्रीन फीस जमा करवा सकेंगे। सैलानियों को सुविधा देने के लिए नगर निगम यह व्यवस्था शुरू करने का प्रयास करेगा।
इतना ही नहीं ट्रेन और परिवहन निगम की बसों से शिमला आने वाले सैलानियों को ग्रीन फीस नहीं चुकानी होगी। बुधवार का ग्रीन फीस को लेकर आईटी विभाग के साथ नगर निगम की बैठक के बाद निगम आयुक्त पंकज राय ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आईटी विभाग ने एक हफ्ते के भीतर ग्रीन फीस वसूली के लिए मोबाइल ऐप तैयार करने का आश्वासन दिया है। ऐप बनने के बाद ग्रीन फीस की वसूली को लेकर नगर निगम 15 से 20 दिन का ट्रायल करेगा। ट्रायल सफल रहने के बाद स्थायी तौर पर व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
बैठक में तय होगी फीस
हालांकि इससे पहले नगर निगम के हाउस में ग्रीन फीस को लेकर चर्चा की जाएगी और प्रदेश सरकार से अप्रूवल ली जाएगी। ग्रीन फीस की वसूली शुरू होने के बाद नगर निगम को सालाना 15 करोड़ रुपये अतिरिक्त आमदनी होगी। प्रापर्टी टैक्स सेल्फ जनरेट सुविधा शुरू करने और ई- गवर्नेंस को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई।
सात से दस दिन में बन जाएगी मोबाइल ऐप
आईटी विभाग के अधिकारियों ने ग्रीन फीस की वसूली के लिए सात से दस दिनों के भीतर मोबाइल ऐप तैयार करने की बात कही है। ऐप तैयार होते ही करीब 20 दिन तक ट्रायल किया जाएगा। हाउस की मंजूरी और प्रदेश सरकार की अनुमति के बाद ग्रीन फीस वसूली शुरू कर दी जाएगी।- पंकज राय आयुक्त, नगर निगम शिमला