{"_id":"5f01f6d8f5798710ac6b76cb","slug":"tourist-entry-in-himachal-pradesh-with-standard-operating-procedure-of-tourism-department-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना पंजीकरण लौटा दीं सैलानियों की 500 गाड़ियां, 37 को मिला प्रवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना पंजीकरण लौटा दीं सैलानियों की 500 गाड़ियां, 37 को मिला प्रवेश
Mon, 06 Jul 2020 09:23 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, सोलन/बिलासपुर/ऊना
अमर उजाला नेटवर्क, सोलन/बिलासपुर/ऊना
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 06 Jul 2020 09:23 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल में बिना कर्फ्यू पास पंजीकरण करवाकर प्रवेश करने की अधिसूचना के 48 घंटे बाद बंद पर्यटन कारोबार शुरू होने की उम्मीद जग गई है। रविवार को छुट्टी के दिन सोलन के परवाणू बैरियर पर 1700 से ज्यादा गाड़ियां पहुंच गईं। इनमें 500 गाड़ियां पर्यटकों की थीं। इनके पास न तो कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट थी और न ही पंजीकरण करवाया हुआ था। उधर, बिलासपुर जिले में अंतरराज्यीय बैरियर स्वारघाट से रविवार को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के 37 सैलानियों ने प्रवेश किया।
विज्ञापन
बैरियर पर मौजूद पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सैलानियों की प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। स्वारघाट बॉर्डर से 973 लोगों को पंजीकृत कर राज्य में प्रवेश की अनुमति दी गई। इनमें 263 लोग बिलासपुर के थे। ऊना के मैहतपुर नाके से 1256 लोगों ने प्रवेश किया, जबकि 954 ने पंजीकरण करवाया। अब तक 2824 लोग पंजीकृत हो चुके हैं। कांगड़ा के कंडवाल बैरियर पर सन्नाटा छाया रहा।
विज्ञापन
आज से बिना ई-पास होगा प्रदेश की सीमाओं में प्रवेश
हिमाचल में सोमवार से बिना ई-पास लोग प्रवेश कर सकेंगे। सैलानियों के लिए भी प्रदेश की सीमाएं सोमवार से खुल जाएंगी। शुक्रवार शाम को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बाहरी राज्यों से हिमाचल में आने वाले सैलानियों को 48 घंटे पहले पंजीकरण करवाने और 72 घंटे पहले की निगेटिव करोना रिपोर्ट के आधार पर प्रवेश देने का फैसला लिया है। शुक्रवार शाम या शनिवार को पंजीकरण करवाने वाले सैलानियों के 48 घंटे सोमवार को पूरे हो जाएंगे।
विज्ञापन
ऐसे में संभावित है कि सोमवार से प्रदेश में सैलानियों की आवाजाही शुरू हो सकती है। हिमाचल आने वाले सैलानियों की जांच के लिए सभी बॉर्डर एरिया पर संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों की जिम्मेवारी सुनिश्चित की गई है। ये अधिकारी बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों के दस्तावेजों को जांचेंगे। दस्तावेज सही पाए जाने के बाद ही सैलानियों को प्रदेश में प्रवेश दिया जाएगा।