छज्जों के नीचे, कहीं तहखानों में चल रहे होटलों के किचन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के कई होटलों के किचन तहखानों और ढारों में चल रहे हैं। किचन के हालात इतने खराब हैं कि दूषित खाने से कभी भी सैलानियों की तबीयत बिगड़ सकती है। होटलों के अंदर गलियों के बीच छज्जों के नीचे किचन चलाए जा रहे हैं। कुछ होटलों में तो किचन की चारदीवारी तक नहीं है।
खुले लेंटर के ऊपर फर्श पर किचन में सैलानियों के लिए खाना तैयार किया जा रहा है। किचन में एग्जास्ट फैन न होने के कारण होटल कर्मचारियों को जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ रहा है। सफाई न होने के कारण किचन गंदगी से भरे पड़े हैं।
समर टूरिस्ट सीजन के दौरान लापरवाही बरत रहे ऐसे होटल संचालकों पर वीरवार को पर्यटन विभाग ने शिकंजा कसा। विभाग की टीम ने इंस्पेक्टर होटल रवि धीमान की अगुवाई में शहर भर में 23 होटलों का निरीक्षण किया। अनियमितताएं पाए जाने पर 11 होटलों के चालान किए गए।
किचन में गंदगी, खुले में पड़ा खाने का सामान
एजी आफिस और कार्ट रोड के आसपास चल रहे होटलों में स्थिति सबसे खराब है। होटलों के किचन में गंदगी है और खाने पीने की वस्तुएं खुली पड़ी हैं। वीरवार को निरीक्षण के दौरान पर्यटन विभाग ने ऐसे होटलों के चालान किए।
रेट लिस्ट गायब, रजिस्टर भी अपडेट नहीं
पर्यटन विभाग ने ऐसे होटलों के भी चालान किए जिनमें कमरों की रेट लिस्ट रिसेप्शन पर डिसप्ले नहीं थी। इसके अलावा उन होटलों पर भी कार्रवाई हुई, जिनकी बिल बुक और रिजस्टर अपडेट नहीं की गई थी।
खराब सब्जी और फल फिंकवाए
कई होटलों के किचन में कई महीनों से सब्जी और फल पड़े हैं। पर्यटन विभाग की टीम ने होटलों से खराब खाद्य पदार्थ फिंकवाए ताकि इनका इस्तेमाल न हो सके।
कमरों में ठहराए जा रहे क्षमता से अधिक लोग
पैसा कमाने के लिए शहर के कई होटल संचालकों ने कायदे कानूनों को ताक पर रख दिया है। होटलों के कमरों में क्षमता से अधिक लोगों को ठहराया जा रहा है। कमरे न मिलने के कारण सैलानी भी इन कमरों में ठहरने के लिए मजबूर हैं।
समर टूरिस्ट सीजन के मद्देनजर होटलों के लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। सैलानियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना विभाग का मकसद है। आगे भी निरीक्षण जारी रहेंगे। -मोहन चौहान, निदेशक, पर्यटन विभाग