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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Tokyo Paralympic silver medalist Nishad kumar said that disability should not be in the mind, everyone can get success

टोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक विजेता निषाद बोले- दिमाग में नहीं होनी चाहिए दिव्यांगता, हर कोई पा सकता सफलता

Fri, 03 Sep 2021 06:30 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, ऊना
अमर उजाला नेटवर्क, ऊना Published by: Krishan Singh Updated Fri, 03 Sep 2021 06:30 PM IST
सार

 ऊना पहुंचने पर टोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक विजेता निषाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोई भी व्यक्ति मानसिक तौर पर दिव्यांग नहीं होना चाहिए। अगर उसमें कुछ करने का हौसला, दिल में आग हो तो वह अपने जीवन में सफलता पा सकता है।उन्होंने कहा कि अंब के छोटे से गांव से निकलकर पैरालंपिक तक सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है। वह शुक्रवार को करीब डेढ़ वर्ष बाद घर लौटे हैं। 

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Tokyo Paralympic silver medalist Nishad kumar said that disability should not be in the mind, everyone can get success
टोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक विजेता निषाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के ऊना के निषाद कुमार ने टोक्यो पैरालंपिक में जीता रजत पदक देशवासियों को समर्पित किया है। उन्होंने प्रशिक्षकों, परिजनों और सहयोग देने वाले हर व्यक्ति को जीत का श्रेय दिया। ऊना पहुंचने पर निषाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोई भी व्यक्ति मानसिक तौर पर दिव्यांग नहीं होना चाहिए। अगर उसमें कुछ करने का हौसला, दिल में आग हो तो वह अपने जीवन में सफलता पा सकता है। उन्होंने कहा कि अंब के छोटे से गांव से निकलकर पैरालंपिक तक सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है।

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वह शुक्रवार को करीब डेढ़ वर्ष बाद घर लौटे हैं। खुशी की बात यह है कि रजत पदक लेकर लौट रहा हूं। उन्होंने दिव्यांगों से खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और आगे बढ़ने की अपील की। निषाद कुमार ने बताया कि टोक्यो पैरालंपिक में जब उन्होंने ऊंची कूद में रजत पदक जीता तो उन्हें इस बात का यकीन नहीं हो पा रहा था। उनके कोच स्टेडियम से कह रहे थे कि निषाद आ गया, लेकिन वह नहीं समझ पा रहे थे कि क्या आ गया। जब उन्हें बाद में पता लगा कि उन्होंने रजत पदक जीता है तो उनका खुशी का ठिकाना न रहा।
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प्रदेश में प्रशिक्षण केंद्र होना जरूरी
निषाद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण प्रतिभा को आगे लाने के लिए प्रशिक्षण केंद्र जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में सुविधाओं के अभाव में उन्हें पंचकूला जाकर प्रशिक्षण लेना पड़ा। आने वाले समय में उनका फोकस स्वर्ण पदक पर रहेगा। कमियों को दूर करने के लिए अभ्यास जारी रहेगा। 
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अभ्यास के लिए प्रदेश सरकार ने दिया हर तरह का सहयोग : निषाद
पैरालंपिक में रजत विजेता निषाद कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने उन्हें अभ्यास के लिए हर प्रकार का सहयोग दिया। इस कारण वह टोक्यो पैरापंलिक में पदक जीतने में सफल हुए हैं। उन्होंने मैहतपुर में स्वागत कार्यक्रम के बाद युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें और खेलों में भविष्य बनाएं। कहा कि खेलों से न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक विकास भी होता है। छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि निषाद ने टोक्यो पैरालंपिक में हाई जंप में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के साथ ऊना जिले का मान बढ़ाया है।


अंब उपमंडल के बदाऊं जैसे छोटे से गांव से निकलकर इतने बड़े मंच पर पदक जीतना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए निषाद की कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प के साथ उनके कोच को भी बधाई। उन्होंने कहा कि टोक्यो पैरालंपिक और ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। केंद्र सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा दे रही है। खेलो इंडिया अभियान मोदी सरकार ने शुरू किया है। इसके सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। उम्मीद है कि आने वाली स्पर्धाओं में भारत का प्रदर्शन और बेहतर होगा।

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