{"_id":"610bfb97aad4a70b287be0ac","slug":"tokyo-olympics-himachal-govt-will-give-rs-75-lakh-to-hockey-player-varun-kumar-cm-jairam-announced","type":"story","status":"publish","title_hn":"हॉकी खिलाड़ी वरुण को एक करोड़ रुपये और डीएसपी के पद पर नौकरी देगी हिमाचल सरकार, सीएम ने किया एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हॉकी खिलाड़ी वरुण को एक करोड़ रुपये और डीएसपी के पद पर नौकरी देगी हिमाचल सरकार, सीएम ने किया एलान
Thu, 05 Aug 2021 08:24 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 05 Aug 2021 08:24 PM IST
सार
ट्रक ड्राइवर के बेटे वरुण कुमार भी टोक्यो ओलंपिक में परचम लहराने वाली भारतीय हॉकी टीम के हिस्सा बने हैं। भारतीय हॉकी टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक में कांस्य पदक जीता है। वरुण हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के डलहौजी उपमंडल की ओसल पंचायत के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक लाने वाली हाकी टीम के सदस्य खिलाड़ी मूलरूप से चंबा जिले के डलहौजी के रहने वाले वरुण कुमार को हिमाचल प्रदेश सरकार एक करोड़ रुपये नकद इनाम और डीएसपी के पद पर नौकरी देगी। सीएम ने कहा कि हमें प्रसन्नता है कि हाकी टीम ने ओलंपिक में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
वरुण के पिता ट्रक चलाते हैं। वरुण परिवार सहित जालंधर के मिट्ठापुर गांव में रहते हैं। वहीं, पंजाब सरकार भी उन्हें एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देगी। इसकी घोषणा पंजाब के खेल एवं युवा सेवाएं मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने की। बता दें, ट्रक ड्राइवर के बेटे वरुण कुमार भी टोक्यो ओलंपिक में परचम लहराने वाली भारतीय हॉकी टीम के हिस्सा बने हैं।
विज्ञापन
भारतीय हॉकी टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक में कांस्य पदक जीता है। वरुण हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के डलहौजी उपमंडल की ओसल पंचायत के रहने वाले हैं। खलंदर गांव निवासी वरुण कुमार का जन्म 25 जुलाई 1995 को हुआ था। वर्तमान में वह परिवार सहित पंजाब के जालंधर में रह रहे हैं। उनके पिता ब्रह्मानंद जालंधर के मीठापुर में पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं। वरुण ने अपनी पढ़ाई डीएवी स्कूल से की है।
विज्ञापन
पंजाब के जालंधर में शिक्षा ग्रहण करने के बाद वरुण अब भारत पेट्रोलियम कंपनी नोएडा में सेवाएं दे रहे हैं। उधर, बेटे की उपलब्धि से परिजनों में खुशी का माहौल है। उन्हें बचपन से हॉकी खेलने का शौक था, लेकिन परिवार की स्थिति ठीक न होने के कारण काफी संघर्ष करना पड़ा। वरुण और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह बचपन के दोस्त हैं।