टिहरा टनल हादसा, नौ महीने बाद मिला हृदय राम का शव
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आखिर नौ माह बाद शुक्रवार को हिमाचल की टिहरा टनल हादसे में मारे गए हृदय राम का शव मिल गया है। प्रशासन ने लंबे रेस्क्यू के बाद शुक्रवार को शव को टनल से बाहर निकाल दिया। शव की पहचान उसके बेटे ने मोबाइल और कपड़ों से की है।
दो दिन पहले उसके जूते मिले थे। खबर की पुष्टि एसपी बिलासपुर राहुल नाथ ने की है। उल्लेखनीय है टनल के धंस जाने से तीन लोग टनल में दब गए थे। दो को जिंदा निकाल लिया गया था। लेकिन हृदय राम का कोई सुराग नहीं लग पाया था।
गौरतलब है कि 12 सितंबर, 2015 को टिहरा में निर्माणाधीन सुरंग करीब साढ़े 10 बजे 120 मीटर पर धंस गई थी, जिस कारण इस सुरंग में सिरमौर के सतीश तोमर, मंडी के मनी राम व मंडी के ही हृदय राम फंस गए थे।
जिंदा निकले थे दो मजदूर मगर नहीं मिला हृदय राम
जिला प्रशासन ने करीब 12 दिन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सतीश तोमर व मनी राम को सही-सलामत बाहर निकाल लिया था, लेकिन हृदय राम का कोई पता नहीं चल पाया था।
उधर, एसपी बिलासपुर राहुल नाथ ने बताया कि तलाश के दौरान हृदय राम का शव शुक्रवार को मिल गया है। उन्होंने कहा कि शव पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
शव का डीएनए रखा है संभाल कर
ह्दय राम का शव पूरी तरह से गल चुका था। हालांकि शव की पहचान उसके बेटे ने मोबाइल और कपड़ों से की है। लेकिन फिर भी आने वाले समय में कोई विवाद न हो, इसलिए हृदयराम का डीएनए संभाल कर रखा गया है।