तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने राष्ट्रपति को जन्मदिन पर दी बधाई
दलाई लामा ने लिखा कि राष्ट्र के निरंतर विकास, खासकर वंचितों के कल्याण के लिए बतौर राष्ट्रपति आपके समर्पण भाव की मैं सराहना करता हूं। भारत चिरकाल से विभिन्न आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मानजनक ढंग से विकास और समन्वय के लिए आश्रय प्रदान करता आया है।
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तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई संदेश भेजा। दलाई लामा ने लिखा कि राष्ट्र के निरंतर विकास, खासकर वंचितों के कल्याण के लिए बतौर राष्ट्रपति आपके समर्पण भाव की मैं सराहना करता हूं। भारत चिरकाल से विभिन्न आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मानजनक ढंग से विकास और समन्वय के लिए आश्रय प्रदान करता आया है। भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला और जीवंत लोकतंत्र है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का कद लगातार बढ़ रहा है। जैसे-जैसे दुनिया तेजी से परस्पर एक-दूसरे पर आश्रित होती जा रही है,मैं भारत को शांति के मार्ग पर मानवता के मार्गदर्शक के रूप में अग्रणी भूमिका निभाते हुए देखने के लिए उत्सुक हूं।
इनमें करुणा और अहिंसा के बहुमूल्य सिद्धांत को साझा करना शामिल है, जो कि समय की कसौटी पर परखने पर आज भी बेहद प्रासंगिक साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसमें आधुनिक शिक्षा के साथ प्राचीन ज्ञान को जोड़ने और एक शांतिपूर्ण दुनिया बनाने की क्षमता है। उन्होंने आगे लिखा कि इस साल हमारे निर्वासन के 62 वर्ष पूरे हो रहे हैं। मेरे सभी तिब्बती भाइयों और बहनों की ओर से मैं भारत की सरकार और लोगों को उनकी अनन्य उदारता और दया के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। हम हमेशा आपके आभारी रहेंगे।