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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Tibetan Parliament in Exile: Pempa Tsering said China's cruel government is constantly interfering to erase the identity of Tibet

Tibetan Parliament in Exile: पेंपा बोले- चीन की क्रूर सरकार तिब्बत की पहचान मिटाने के लिए लगातार दे रही दखल

Wed, 06 Jul 2022 09:27 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 06 Jul 2022 09:27 PM IST
सार

निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग ने कहा कि तिब्बत के कुछ बुद्धिजीवी जातीय पहचान के संरक्षण और भाषा-संस्कृति के प्रचार-प्रसार का कार्य कर रहे हैं, लेकिन इन्हें गिरफ्तार कर इनका न्यायिक उत्पीड़न किया जा रहा है। 

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Tibetan Parliament in Exile: Pempa Tsering said China's cruel government is constantly interfering to erase the identity of Tibet
निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चीन की क्रूर सरकार तिब्बत की पहचान, पारंपरिक धर्म, संस्कृति और भाषा को नष्ट करने के लिए तिब्बतियों की दिनचर्या में लगातार दखल दे रही है। चीन की यातनाओं के कारण स्थिति गंभीर है। निर्वासित तिब्बती संसद ने धर्मगुरु दलाईलामा के जन्मदिन पर जारी आधिकारिक बयान में यह बात कही है। निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग ने कहा कि तिब्बत के कुछ बुद्धिजीवी जातीय पहचान के संरक्षण और भाषा-संस्कृति के प्रचार-प्रसार का कार्य कर रहे हैं, लेकिन इन्हें गिरफ्तार कर इनका न्यायिक उत्पीड़न किया जा रहा है। साम्यवादी चीन की सरकार का अत्याचार इस हद तक असहनीय है कि वर्ष 2009 से आज तक 150 से अधिक लोग आत्मदाह कर चुके हैं। 

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बताया कि महज 16 वर्ष की आयु में दलाईलामा को वर्ष 1959 में भारत में शरण लेनी पड़ी थी। भारत आकर तिब्बत की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास जारी रखे। निर्वासित तिब्बत सरकार की कार्यप्रणाली, तिब्बती विद्यालय, तिब्बतियों के पुनर्वास के लिए बस्तियों की व्यवस्था और धार्मिक केंद्रों की स्थापना की। भारत सरकार ने इसमें पूरा सहयोग दिया। अमेरिका और यूरोप के कई देशों सहित तिब्बत को सहयोग देने वाली दुनिया भर की सरकारों के प्रति हम कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। सेरिंग ने कहा कि आज दुनिया भर के तिब्बती हर्षोल्लास के साथ दलाईलामा का जन्मदिन मना रहे हैं। दलाईलामा दीर्घायु हों। तिब्बत की आजादी का मुद्दा जल्द हल हो और हम सब तिब्बत में एकत्रित होकर पहले जैसे अच्छे दिनों का लाभ ले सकें।

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