हजारों शिक्षकों की नौकरी पर लटकी तलवार
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हिमाचल प्रदेश में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के तहत नियुक्त दो हजार से ज्यादा शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। फरवरी और मार्च में इनकी एक साल की तय अवधि समाप्त हो रही है।
नया सत्र शुरू होने वाला है। लेकिन अभी तक इनकीसेवाएं जारी रखने पर सरकार की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं। ये शिक्षक प्रारंभिक और उच्च शिक्षा के तहत विभिन्न स्कूलों में तैनात है।
2014 में सरकार ने एक शैक्षणिक सत्र के लिए इन शिक्षकों को एसएमसी के नए नियमों के तहत नियुक्त किया था। पीरियड आधार पर इन शिक्षकों को 3500 रुपये से लेकर 6000 रुपये तक मानदेय दिया जा रहा है।
शिक्षकों की सेवाएं जारी रखने को लेकर दुविधा
पहले एसएमसी के तहत दूरदराज के इलाकों में ही शिक्षकों की नियुक्तियां होती थीं। 2014 अंत में नियमों में फेरबदल के बाद प्रदेश में एमएससी के तहत नई नियुक्तियों को अनुमति दी गई।
साथ ही इन शिक्षकों की नियुक्तियों पर टेट और 50 फीसदी अंकों की शर्त भी लगाई गई। जेबीटी को 150 रुपये, सीएंडवी को 135 और पीजीटी को 175 रुपये प्रति पीरियड मानदेय तय किया गया है।
इन शिक्षकों की सेवाओं को जारी करने या न करने पर अभी दुविधा बरकरार है। उधर, शिक्षा विभाग भी इस मामले में सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रहा है।
एसएमसी टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव यशवंत डोगरा ने कहा कि एक साल के सेवाकाल को आगे बढ़ाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इससे बड़ी संख्या में शिक्षक दुविधा की स्थिति में हैं। सरकार और विभाग से आग्रह है कि इस मामले में स्थिति स्पष्ट की जाए।