हिमाचल: इस बार भी अपनी प्राथमिकताएं बताने से चूके ये विधायक, जानें पूरा मामला
प्रदेश में कई विधायक अपनी प्राथमिकताएं बताने से चूक गए हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए वे सड़कों, पेयजल और सिंचाई की योजनाओं की प्राथमिकताएं नहीं बता पाए।
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हिमाचल प्रदेश में कई विधायक अपनी प्राथमिकताएं बताने से चूक गए हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए वे सड़कों, पेयजल और सिंचाई की योजनाओं की प्राथमिकताएं नहीं बता पाए। अगर हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्तीय वर्ष 2023-24 के नव व्यय अनुसूची के परिशिष्ट की बात करें तो लघु सिंचाई योजनाओं में भोरंज, धर्मशाला, बल्ह, मंडी, रामपुर, शिमला, कसुम्पटी, पच्छाद आदि से योजना विभाग को प्राथमिकताएं नहीं मिल पाई हैं। सड़कों, पुलों आदि की भी बात करें तो भोरंज, जसवां परागपुर, बल्ह, शिमला, कसुम्पटी और पच्छाद के विधायकों से प्राथमिकताएं नहीं मिल पाई हैं। पेयजल और सीवरेज की स्कीमों में भी भोरंज, धर्मशाला, बल्ह, मंडी, शिमला और कसुम्पटी के विधायकों ने अपनी प्राथमिकताएं नहीं दी हैं।
इसलिए प्राथमिकताएं नहीं देते विधायक
विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विधायक प्राथमिकताओं के लिए एक अनार सौ बीमार की स्थिति पैदा हो रही है। कई विधायक चाहते हैं कि इससे किसी को नाराजगी न हो। ऐसे में वे बाद में ही अपनी-अपनी प्राथमिकताएं देते हैं। हालांकि, बजट बुक में इन विधायकों के विधानसभा हलकों के सामने कॉलम खाली छोड़े गए हैं और 25-25 हजार रुपये का टोकन बजट प्रावधान किया गया है, जिससे वे बाद में इन प्राथमिकताओं को डाल पाएं।