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गड़बड़ी: थर्ड ग्रेड सेब 9.50 रुपये किलो खरीदकर ठेकेदारों को 1.25 रुपये में दे रहे

Tue, 24 Aug 2021 12:35 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 24 Aug 2021 12:35 PM IST
सार

सरकार ने बगावानों के लिए थर्ड ग्रेड सेब का समर्थन मूल्य 9.50 प्रति किलो निर्धारित किया है। इसे पिछले साल से एक रुपये बढ़ाया है। मंडी मध्यस्थता के तहत बागवान 122 केंद्रों में दागी, साइज में छोटे सेब को बेचते हैं। इन केंद्रों में हिमफेड ने अपने कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मियों को नियुक्त किया है।

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Third grade apples are buying Rs 9.50 a kg and giving it to contractors for Rs 1.25 in parwanoo himachal
सेब (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमफेड के सेब एकत्रीकरण केंद्रों में मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) से खरीदे सेब को बेचते समय परवाणू नीलामी केंद्र में कुछ ठेकेदारों की मिलीभगत उजागर हुई है। ठेकेदार पूल कर सेब को बहुत कम कीमत पर खरीद रहे हैं, जिससे हिमफेड समेत सरकार की दूसरी एजेंसियों को भी आर्थिक चूना लगाया जा रहा है। सरकार ने बगावानों के लिए थर्ड ग्रेड सेब का समर्थन मूल्य 9.50 प्रति किलो निर्धारित किया है। इसे पिछले साल से एक रुपये बढ़ाया है। मंडी मध्यस्थता के तहत बागवान 122 केंद्रों में दागी, साइज में छोटे सेब को बेचते हैं। इन केंद्रों में हिमफेड ने अपने कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मियों को नियुक्त किया है।

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यहां से खरीदा सेब बहुत कम दामों पर ठेकेदार ले रहे हैं। हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा है कि यह चिंता का विषय है कि बोरी वाले सेब की कीमत 1.25 प्रति किलो मिल रही है जो बहुत ही कम है। यदि किसी केंद्र से सड़ा गला और निर्धारित सेब खरीदने की शिकायत हुई तो उस केंद्र के कर्मचारी और सेक्टर इंचार्ज की जिम्मेदारी तय होगी। कुछ स्थानों से बहुत अधिक पका हुआ सेब और कई केंद्रों पर निर्धारित साइज में छोटा सेब लिए जाने की सूचना है। सभी कर्मचारी अपने निर्धारित स्थानों पर सेब की खरीद और बिक्री का ध्यान रखें। 
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हिमफेड अध्यक्ष ने कहा कि परवाणू की नीलामी मंडी से सेब के ठेकेदार ‘पूल’ कर रहे हैं। इस साल अत्यधिक फसल होने के कारण और ओले की मार से ग्रस्त होने के कारण सेब के खरीद के दाम बहुत कम मिल रहे हैं। अधिक से अधिक व्यापारियों को सेब खरीद के लिए आमंत्रित किए जाए, जिससे कुछ ठेकेदारों का एकाधिकार खत्म हो। सरकार ने इस वर्ष 3.50 प्रति किलो अनुमानित सेब की कीमत रखी है जबकि बिक्री उससे बहुत कम आ रही है। इससे हिमफेड और एचपीएमसी को बहुत घाटा होने की संभावना बन रही है।

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