{"_id":"61a4794627832644fc7d7ebe","slug":"there-will-be-a-feeling-of-passing-through-the-village-as-soon-as-you-leave-sanjauli-heliport-shimla","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिमला: संजौली हेलीपोर्ट से निकलते ही होगा गांव से गुजरने का एहसास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिमला: संजौली हेलीपोर्ट से निकलते ही होगा गांव से गुजरने का एहसास
Mon, 29 Nov 2021 12:25 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 29 Nov 2021 12:25 PM IST
सार
संजौली हेलीपोर्ट को खूबसूरत चित्रों और पेंटिंग से सजाया गया है। हेलीपोर्ट से बाहर निकलने के लिए बने अंडरग्राउंड रास्ते में आते ही आपको लगेगा कि आप किसी गांव से गुजर रहे हैं। पर्यटकों को हिमाचल ग्रामीण परिवेश और यहां के रहन-सहन, जीवनशैली देखने को मिलेगी।
विज्ञापन
संजौली हेलीपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में बनाया गया हेलीपोर्ट पर्यटकों को आकर्षित करेगा। इसके लिए हेलीपोर्ट को खूबसूरत चित्रों और पेंटिंग से सजाया गया है। हेलीपोर्ट से बाहर निकलने के लिए बने अंडरग्राउंड रास्ते में आते ही आपको लगेगा कि आप किसी गांव से गुजर रहे हैं। पर्यटकों को हिमाचल ग्रामीण परिवेश और यहां के रहन-सहन, जीवनशैली देखने को मिलेगी। इसमें पहाड़ी शैली में बने घरों वाले गांव को दीवारों पर उकेरा गया है। टनल वाले इस रास्ते के दोनों ओर हिमाचली गांव से गुजरने जैसा पर्यटकों को आभास होगा। बाहर निकलने पर बड़ी सी दीवार पर हिमाचली परिधानों में एक पहाड़ी नाटी की मनमोहक कलाकृति नजर आएगी।
विज्ञापन
यही नहीं, स्टील की बनी टॉवर बिल्डिंग में कुल्लवी शॉल का थ्री डी प्रोजेक्टेड डिजाइन भी पर्यटकों को आकर्षित करेगा। राज्य फूल बुरांस के स्टील के बनाए गए चित्र भी खूबसूरती बढ़ाएंगे। हेलीपोर्ट में करीब 50 लाख की राशि खर्च कर बनाई गई कलाकृतियों को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विजुअल आर्ट विभाग के प्रो. हिम चटर्जी ने डिजाइन किया है। डिजाइनिंग के कंसलटेंट के रूप में सेवाएं देने वाले प्रो. चटर्जी ने बताया कि सितंबर माह में इस कार्य को शुरू किया गया और तीन माह के समय में इसे पूरा किया गया। इसमें करीब दो दर्जन पेंटर ने दिन-रात मेहनत की। टनल के भीतर बने हिमाचल के गांव के चित्रों को बनाने में विवि विजुअल आर्ट विभाग के तीन छात्रों ने भी सहयोग दिया।
विज्ञापन