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दुकानों की दोबारा पैमाइश करवाएगा नगर निगम
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The shopkpeer of shimla city not satisfy with shop rent
कारोबारियों के आपत्ति जताने के बाद एमसी ने दिया दोबारा पैमाइश कराने का आश्वासन
क्रॉसर
प्रदेश व्यापार मंडल उपाध्यक्ष ने उठाई राहत की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम की दुकानों में अवैध कब्जे करने वाले कारोबारियों को भारी भरकम किराया बिल जारी हो गए हैं। हजारों और लाखों रुपये के बिल देखने के बाद कारोबारियों के होश उड़ गए हैं। इन्होंने इन बिलों पर सवाल उठाते हुए इतना ज्यादा किराया देने से इनकार कर दिया है। वहीं नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि ऐसे कारोबारी जिन्हें लगता है कि उनकी दुकान का एरिया ज्यादा दिखाया है उनकी दोबारा पैमाइश करवाई जाएगी।
वीरवार को गंज और लोअर बाजार के कारोबारी प्रदेश व्यापार मंडल उपाध्यक्ष एवं लोअर बाजार के पार्षद इंद्रजीत सिंह से मिले। कहा कि नगर निगम ने गलत तरीके से उन्हें ज्यादा बिल थमा दिए हैं। इसके बाद इंद्रजीत सिंह इन कारोबारियों को लेकर नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली और अतिरिक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज से मुलाकात की। कहा कि नगर निगम ने कारोबारियों को जो बिल दिए हैं उसमें गड़बड़ी है। इसकी जांच होनी चाहिए। इन बिलों में अवैध कब्जे का एरिया वर्ग फुट में दर्शाया है। कई कारोबारियों का काफी ज्यादा एरिया अवैध दिखाया है। बिल भी ज्यादा दिया गया है।
दावा किया कि दुकानदारों ने इतने ज्यादा क्षेत्र पर कब्जे नहीं किए हैं जितने बिल में दिखाए हैं। आरोप लगाया कि निगम की टीम ने सही तरीके से पैमाइश नहीं की है। यही नहीं, बिलों में अवैध कब्जे का एरिया तो बताया है लेकिन दुकान का वैध एरिया कितना वर्ग फुट है इसकी जानकारी नहीं दी है। गंज और लोअर बाजार में ज्यादातर बिलों में ऐसा है।
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कारोबारियों की शिकायतों पर होगी कार्र्रवाई
शिकायतें सुनने के बाद नगर निगम प्रशासन ने कहा कि ऐसी दुकानों की दोबारा
पैमाइश की जाएगी जिन कारोबारियों को लगता है कि उनका एरिया ज्यादा दिखाया है। नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि कारोबारी उनसे मिले हैं, उनकी शिकायतों को सुना गया है। इसमें जिनके बिल पर सवाल उठाए हैं, उन दुकानों की दोबारा पैमाइश की जाएगी।
पहले कर लिए अवैध कब्जे
अब ढीली करनी होगी जेब
शिमला। नगर निगम ने शहर में 800 से अधिक कारोबारियों को तीन साल के किराया बिल जारी किए हैं। यह बिल 20 फीसदी बढ़ोतरी के साथ जारी किए हैं। इसके अलावा
जिनका किराया कम था, उन्हें न्यूनतम 500 रुपये मासिक की दर से किराया जारी हुए है। साथ ही अवैध कब्जे पर ज्यादा किराया जारी किया गया है। लोअर बाजार में 40 जबकि गंज में 18 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से किराया जारी हुआ है। ऐसे में ज्यादा अवैध कब्जे करने वाले कारोबारियों को हजारों रुपये के भारी भरकम बिल जारी हुए हैं।
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क्रॉसर
प्रदेश व्यापार मंडल उपाध्यक्ष ने उठाई राहत की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम की दुकानों में अवैध कब्जे करने वाले कारोबारियों को भारी भरकम किराया बिल जारी हो गए हैं। हजारों और लाखों रुपये के बिल देखने के बाद कारोबारियों के होश उड़ गए हैं। इन्होंने इन बिलों पर सवाल उठाते हुए इतना ज्यादा किराया देने से इनकार कर दिया है। वहीं नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि ऐसे कारोबारी जिन्हें लगता है कि उनकी दुकान का एरिया ज्यादा दिखाया है उनकी दोबारा पैमाइश करवाई जाएगी।
वीरवार को गंज और लोअर बाजार के कारोबारी प्रदेश व्यापार मंडल उपाध्यक्ष एवं लोअर बाजार के पार्षद इंद्रजीत सिंह से मिले। कहा कि नगर निगम ने गलत तरीके से उन्हें ज्यादा बिल थमा दिए हैं। इसके बाद इंद्रजीत सिंह इन कारोबारियों को लेकर नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली और अतिरिक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज से मुलाकात की। कहा कि नगर निगम ने कारोबारियों को जो बिल दिए हैं उसमें गड़बड़ी है। इसकी जांच होनी चाहिए। इन बिलों में अवैध कब्जे का एरिया वर्ग फुट में दर्शाया है। कई कारोबारियों का काफी ज्यादा एरिया अवैध दिखाया है। बिल भी ज्यादा दिया गया है।
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दावा किया कि दुकानदारों ने इतने ज्यादा क्षेत्र पर कब्जे नहीं किए हैं जितने बिल में दिखाए हैं। आरोप लगाया कि निगम की टीम ने सही तरीके से पैमाइश नहीं की है। यही नहीं, बिलों में अवैध कब्जे का एरिया तो बताया है लेकिन दुकान का वैध एरिया कितना वर्ग फुट है इसकी जानकारी नहीं दी है। गंज और लोअर बाजार में ज्यादातर बिलों में ऐसा है।
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कारोबारियों की शिकायतों पर होगी कार्र्रवाई
शिकायतें सुनने के बाद नगर निगम प्रशासन ने कहा कि ऐसी दुकानों की दोबारा
पैमाइश की जाएगी जिन कारोबारियों को लगता है कि उनका एरिया ज्यादा दिखाया है। नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि कारोबारी उनसे मिले हैं, उनकी शिकायतों को सुना गया है। इसमें जिनके बिल पर सवाल उठाए हैं, उन दुकानों की दोबारा पैमाइश की जाएगी।
पहले कर लिए अवैध कब्जे
अब ढीली करनी होगी जेब
शिमला। नगर निगम ने शहर में 800 से अधिक कारोबारियों को तीन साल के किराया बिल जारी किए हैं। यह बिल 20 फीसदी बढ़ोतरी के साथ जारी किए हैं। इसके अलावा
जिनका किराया कम था, उन्हें न्यूनतम 500 रुपये मासिक की दर से किराया जारी हुए है। साथ ही अवैध कब्जे पर ज्यादा किराया जारी किया गया है। लोअर बाजार में 40 जबकि गंज में 18 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से किराया जारी हुआ है। ऐसे में ज्यादा अवैध कब्जे करने वाले कारोबारियों को हजारों रुपये के भारी भरकम बिल जारी हुए हैं।