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सड़कों पर गुणवत्ता जांचने मौके पर नहीं गए अधिकारी, केंद्र ने लगाई फटकार
Sun, 19 Sep 2021 12:30 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 19 Sep 2021 12:30 PM IST
सार
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के परियोजना-तीन के निदेशक डॉ. आईके पेरिया ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता और मुख्य अभियंता को पत्र भेजा है। इसमें एक बार भी गुणवत्ता नियंत्रण मानिटर के माध्यम से इन सड़कों में इस्तेमाल सामग्री और अन्य मानकों की जांच नहीं करने पर हैरानी जताई है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि सितंबर महीने मेें इनकी जांच कर ली जाए।
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सड़क(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की 12 सड़कों की गुणवत्ता जांच को चिन्हित अधिकारियों के एक बार भी स्पॉट पर नहीं जाने पर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को फटकार लगाई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के परियोजना-तीन के निदेशक डॉ. आईके पेरिया ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता और मुख्य अभियंता को पत्र भेजा है।
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इसमें एक बार भी गुणवत्ता नियंत्रण मानिटर के माध्यम से इन सड़कों में इस्तेमाल सामग्री और अन्य मानकों की जांच नहीं करने पर हैरानी जताई है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि सितंबर महीने मेें इनकी जांच कर ली जाए। यह मामला प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में राज्य सरकार की ओर से नियुक्त प्रदेश गुणवत्ता नियंत्रण निगरानी अधिकारियों के कामकाज से संबंधित है। इनकी कार्यशैली पर केंद्र सरकार ने सवाल खड़ा किया है।
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इसमें कहा गया है कि राज्य में बड़ी संख्या में निर्माणाधीन और पूरी हो चुकी पीएमजीएसवाई परियोजनाएं हैं। इनमें काम शुरू किए जाने से आज तक एक बार भी राज्य गुणवत्ता निगरानी अधिकारियों ने जांच नहीं है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस चिट्टी में कहा है कि इन अधिकारियों को हिमाचल प्रदेश में हर महीने गुणवत्ता की जांच करने का काम नहीं दिया जा रहा है। न ही उन्हें दिशा-निर्देशों के अनुसार ही काम दिया जा रहा है। इन्हें एक महीने में एक जिला का काम दिया जा रहा है और पांच-छह काम दिए जा रहे हैं।
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इनमेें से भी वे एक महीने में चार से कम कार्यों की जांच कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने कहा कि इन्हें एक महीने में दो जिलों का काम दिया जाए। इनमें से भी हर जिले में आठ से दस काम दिए जाने चाहिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता और मुख्य अभियंता को कहा गया है कि वे तीन महीने से पुराने कार्यों की सितंबर 2021 तक गुणवत्ता निगरानी जांच करवा लें। ऐसे तमाम कार्यों की जांच के लिए एक महीने में कम से कम दस दिन जांच करवाई जाएं।