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शिमला: पहाड़ी गायक के विवाह ने पिघलाई दो गांवों के बीच 200 साल पुरानी दुश्मनी की परत
Fri, 23 Jul 2021 10:45 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 23 Jul 2021 10:45 AM IST
सार
रोहड़ू का करासा चिराग का पैत्रिक गांव है, जबकि विदुषी रोहडू नावर के खलावन से संबंध रखती हैं। करासा और नावर खलावन के बीच पिछले करीब 200 साल से पुश्तैनी बैर चल रहा था। दोनों गांव के लोग एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं रखते थे। शादी के बाद दोनों गांवों की दुश्मनी खत्म हो गई।
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पहाड़ी गायक चिराग ज्योति मजटा विदुषी सुंटा से विवाह बंधन में बंधे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू के दो गांवों की करीब 200 साल पुरानी दुश्मनी की परत पहाड़ी गायक चिराग की शादी के साथ ही पिघल गई। पारंपरिक पहाड़ी गीत गाने वाले चिराग ज्योति मजटा ने 22 जुलाई को अपनी दोस्त विदुषी सुंटा के साथ विवाह किया। रोहड़ू का करासा चिराग का पैत्रिक गांव है, जबकि विदुषी रोहडू नावर के खलावन से संबंध रखती हैं। करासा और नावर खलावन के बीच पिछले करीब 200 साल से पुश्तैनी बैर चल रहा था। दोनों गांव के लोग एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं रखते थे।
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शादी के बाद दोनों गांवों की दुश्मनी खत्म हो गई। चिराग और विदुषी के विवाह से पुश्तैनी बैर खत्म हो गया है। इलाके के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि अब दोनों गांवों के बीच रिश्ते और बर्ताव सहज भाव से चल सकेगा। चिराग हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं और विदुषी बंगलूरू और चंडीगढ़ की नामी कंपनियों में एचआर एक्जीक्यूटिव रह चुकी हैं। बीते पांच सालों से दोनों एक-दूसरे के दोस्त हैं। चिराग के गाए जोउटा बढ़ाल, दूंदी और राजा भगत चंद जैसे गीत खासे लोकप्रिय हुए हैं।
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राजाओं के जमाने में दोनों गांवों में हुआ खूनी संघर्ष
रोहड़ू के इन गांवों में 200 साल पहले खूनी संघर्ष हुआ था। इस दौरान राजाओं का राज हुआ करता था। इस संघर्ष में दर्जनों लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद इन गांवों में आपसी संबंध खत्म हो गए थे। आजादी के बाद भी दोनों गांवों के रिश्ते बहाल नहीं हुए, लेकिन अब चिराग और विदुषी के विवाह ने सारी दुश्मनी खत्म कर दी। दोनों में गांवों के बीच सौहार्द का एक नया अध्याय शुरू हुआ है, जिसकी आसपास के गांवों में खूब प्रशंसा हो रही है।
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