Shimla News: ग्राम पंचायत अंब को नगर पंचायत बनाए जाने के निर्णय को हाईकोर्ट ने ठहराया सही
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश विरेंदर सिंह की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता रमन कुमार की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने इस मामले में वैधानिक प्रावधानों का पालन किया है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत अंब को नगर पंचायत बनाए जाने के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश विरेंदर सिंह की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता रमन कुमार की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने इस मामले में वैधानिक प्रावधानों का पालन किया है। वैधानिक प्रावधानों का पालन करते हुए पारित सरकार के निर्णय में अदालत दखल नहीं दे सकती है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि सरकार को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनाते समय अधिकांश लोगों की इच्छा का सम्मान करना चाहिए था। नगर पंचायत बनाए जाने से गरीब लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने के आरोप भी लगाए गए थे।
सरकार का कहना था कि लोगों को विभिन्न नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अंब को नगर पंचायत का बनाया गया है। कुछ नागरिक सुविधाएं पंचायतों की ओर से नहीं करवाई जा सकतीं, क्योंकि उसके संसाधन सीमित होते हैं। सरकार नगर पालिका अधिनियम के तहत तीन तरह के स्थानीय नगर निकाय बना सकती है, जिसमें नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम शामिल है। नगर पंचायत बनाने के लिए कम से कम 2,000 की आबादी वाले क्षेत्र को लिया जाता है। सरकार ने कहा कि मौजूदा वक्त की मांग को देखते हुए नगर पंचायत अंब को बेहतर सुविधा और योजनाबद्ध विकास के लिए बनाया गया है।