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महिला आयोग के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 20 Sep 2018 07:00 AM IST
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प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने महिला आयोग के एक आदेश पर रोक लगा दी है। याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य महिला आयोग से दो हफ्ते के भीतर जवाबतलब किया गया है।24 मई को महिला आयोग ने प्रार्थी को मासिक सेलरी का पचास फीसदी वेतन पत्नी के खाते में जमा करने के आदेश जारी किए थे।
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इसके बाद 21 जून को आयोग के सदस्य सचिव ने प्रार्थी के विभाग को सूचित कर इस बारे में अवगत करवाया कि प्रार्थी की प्रतिमाह 50 फीसदी सेलरी उसकीपत्नी के खाते में जमा करवानी होगी।विभाग ने भी 1 सितंबर को प्रार्थी की सेलरी का 50 फीसदी वेतन महिला के खाते में डिटेक्ट लेने का निर्णय लिया।इसके बाद 12 सितंबर को प्रार्थी ने राज्य महिला आयोग के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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इधर, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने प्रार्थी की चुनौती पर सुनवाई करते हुए आयोग के आदेश पर रोक लगाने के साथ आयोग से दो हफ्ते के भीतर आदेश पर जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि राज्य महिला आयोग ने अपने क्षेत्राधिकार से आगे बढ़कर इस आदेश को पारित किया है। प्रार्थी ने आयोग के इस आदेश को चुनौती देने के लिए प्र्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद उच्च न्यायालय ने आयोग के इस आदेश पर रोक लगा दी है।
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