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Shimla News: हिमस्खलन की चपेट में आए युवक के परिजनों को मिलेंगे एक लाख

Thu, 02 Oct 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Oct 2025 11:59 PM IST
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The family of the youth who was hit by the avalanche will get Rs 1 lakh.
किन्नर कैलाश यात्रा के दौरान हो गई थी मौत
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कंपनी ने हाइपोक्सिया का हवाला देकर खारिज किया था क्लेम

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। उपभोक्ता आयोग शिमला ने एक फैसले में पंजाब नेशनल बैंक और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को शिकायतकर्ता परिवार को एक लाख रुपये का बीमा क्लेम ब्याज समेत अदा करने का आदेश दिया है।
यह मामला 2019 के किन्नर कैलाश यात्रा से जुड़ा है। कुमारसैन निवासी पीयूष कुमार (मृतक) हिमस्खलन की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। परिवार ने डेबिट कार्ड से जुड़ी दुर्घटना बीमा पॉलिसी के तहत क्लेम किया लेकिन बैंक और बीमा कंपनी ने दावा खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान आयोग ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल सबूतों के आधार पर पाया कि यह मौत अचानक तथा आकस्मिक परिस्थितियों में हुई। इसलिए बीमा कंपनी और बैंक का दावा अस्वीकार करना त्रुटिपूर्ण तथा अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया। अब बैंक और बीमा कंपनी को 45 दिन के भीतर परिवार को एक लाख रुपये बीमा राशि, साथ ही 15 हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न और 10 हजार रुपये मुकदमेबाजी खर्च देना होगा।
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दरअसल जिले के उपमंडल कुमारसैन निवासी शिकायतकर्ता ज्ञान चंद के बेटे पीयूष कुमार (मृतक बीमित व्यक्ति) का पीएनबी बैंक में खाता था और उसके पास रुपे डेबिट कार्ड था। इसमें न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के माध्यम से एक लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर शामिल था। 26 जून 2019 को किन्नर कैलाश जाते समय पीयूष की हिमस्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने बैंक और कंपनी को घटना के बारे में सूचित किया। लेकिन 4 अक्तूबर को शिकायतकर्ता के दावे को बीमा कंपनी ने इस आधार पर अस्वीकार कर दिया था कि मृत्यु का कारण दुर्घटनावश नहीं है, बल्कि उच्च ऊंचाई पर हाइपोक्सिया (प्राकृतिक) के कारण हुई थी। यह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर के अंतर्गत नहीं आती है। इससे परेशान होकर उपभोक्ता ले आयोग में शिकायत दायर की थी। उधर जिला आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने माना कि युवक की आकस्मिक मृत्यु पॉलिसी की परिभाषा के अनुसार दुर्घटना मानी जाएगी।
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