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चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी पहाड़ी दरकने का खतरा, पुलिस तैनात

Wed, 26 Jun 2019 10:36 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नगवाईं (मंडी)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नगवाईं (मंडी) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 26 Jun 2019 10:36 PM IST
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The danger of falling a big rock on the Chandigarh-Manali National Highway
- फोटो : अमर उजाला

 चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर डयोड़ के पास पहाड़ी दरकने का खतरा बना हुआ है। भारी संख्या में सैलानी इस मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध करना शुरू कर दिए हैं।

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खतरे को भांपते हुए मंगलवार से फोरलेन की कटिंग बंद कर दी है। बुधवार को डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर और एएसपी पुनीत रघु ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ आईआईटी के विशेषज्ञ और एसडीएम सदर सनी कुमार भी मौजूद रहे।
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उपायुक्त ने इस मौके पर रात को फ्लड लाइट्स लगाने के निर्देश दिए। वहीं, आईआईटी मंडी की ओर से तैयार सेंसर लगाने के निर्देश भी दिए जिससे पहाड़ी दरकने से पहले ही संबंधित अधिकारियों और क्षेत्रवासियों को सूचना उनके मोबाइल पर फ्लैश हो जाए और ट्रैफिक बंद किया जा सके।

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तीन परिवारों के 21 सदस्य बेघर

वहीं संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस की तैनाती भी कर दी गई है। यातायात नियंत्रित करके कड़ी निगरानी में वाहनों की आवाजाही हो रही है। गौरतलब है कि डयोड़ के पास पहाड़ी दकरने का खतरा बना हुआ है और तीन परिवारों के 21 सदस्य बेघर हो गए हैं।

लोगों ने प्रशासन के आदेशों के बाद अपने घरों को खाली कर दिया है और गोशालाओं में शरण ले ली है। गोशाला में एक तरफ पशु बंधे हैं और दूसरी तरफ इंसान रह रहे हैं। तीन घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और जमीन पर भी चौड़ी दरारें लोगों को डरा रही हैं।

यदि यह मलबा गिरता है तो फिर इन तीन परिवारों के साथ सड़क से नीचे की तरफ रह रहे लोगों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। प्रभावित गुलजार, रफीक और रजिया ने बताया कि उन्हें डर के साए में रातें काटनी पड़ रही हैं। इन्होंने प्रशासन और सरकार से इनके रहने की उचित व्यवस्था करने की गुहार लगाई है।

ऐसे पैदा हुए कोटरोपी जैसे हालात

12 और 13 अगस्त 2017 की रात को मंडी जिला के कोटरोपी में प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा भूस्खलन हुआ था। पहाड़ी का एक बहुत बड़ा भाग कटकर जमींदोज हो गया था और 48 लोगों की जिंदगियों को लील गया था।

वैसे ही डयोड़ पहाड़ी में भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और पहाड़ी के दरकने से तबाही मचने की आशंका बनी हुई है। फोरलेन निर्माण के लिए की जा रही कटिंग के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। कटिंग के बाद पहाड़ी की पकड़ ढीली हो गई, जिसके चलते हल्की बारिश में ही पहाड़ी खिसकने लग गई। 

पुलिस 24 घंटे रहेगी तैनात
डीसी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि यदि पहाड़ी खिसकने लगेगी तो सेंसर इसकी चेतावनी पहले ही दे देंगे और फ्लड लाईट्स रात के समय निगरानी के लिए काम आएंगी। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को अस्थायी शेड बनाकर दिए जाएंगे, जिससे वे वहां पर सुरक्षित रह सकें। वहीं, पुलिस को भी मौके पर 24 घंटे तैनात रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।

चालक बरतें सावधानी
इस पूरे मामले से इलाके में तो दहशत है और ही साथ ही यहां से गुजरने वाले वाहन चालक भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। प्रशासन के लिए सड़क को बंद कर पाना भी संभव नहीं। क्योंकि मनाली के लिए यही एक सड़क है, जहां से सारा टूरिस्ट आवाजाही कर रहा है। फिलहाल, स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा और प्रशासन के लिए यह एक चुनौती से कम नहीं है। 

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