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हिमाचल के पौने दो लाख कर्मचारियों की मांगों का एजेंडा सरकार को सौंपा
Sat, 21 Aug 2021 07:05 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 21 Aug 2021 07:05 PM IST
सार
महासंघ के अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर ने बताया कि जेसीसी के लिए एजेंडा तैयार कर लिया है। महासंघ से जुडे़ जिलों के नेताओं और विभागों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर कर्मचारियों के लंबित मसलों को एजेंडे में शामिल किया गया है। इसे सरकार को भेज दिया है।
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महासंघ के अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के पौने दो लाख कर्मचारियों की मांगों का एजेंडा सरकार को सौंप दिया गया है। हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) में उठाए जाने वाले मुद्दे सरकार को भेजे गए हैं। महासंघ नेताओं की नजर अब सरकार पर है कि कब जेसीसी की बैठक निर्धारित होती है। हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (अश्वनी गुट) को सरकार ने जेसीसी के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, अभी सरकार तय नहीं कर पाई है कि जेसीसी की बैठक कब होगी।
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महासंघ के अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर ने बताया कि जेसीसी के लिए एजेंडा तैयार कर लिया है। महासंघ से जुडे़ जिलों के नेताओं और विभागों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर कर्मचारियों के लंबित मसलों को एजेंडे में शामिल किया गया है। इसे सरकार को भेज दिया है। कहा कि एजेंडे में कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। अनुबंध कार्यकाल दो साल करने की मांग भी उठाई गई है।
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अनुबंध कार्यकाल को वरिष्ठता में शामिल करने, कर्मचारियों को 4-9-14 साल की सेवा अवधि में टाइम स्केेल देने का मामला भी प्रमुखता से रखा है। कनिष्ठ ऑफिस सहायकों के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन की मांग भी की गई है। महंगाई भत्ते की पांच फीसदी किस्त जारी करने, नई पेंशन स्कीम के तहत केंद्र सरकार की जारी 209 की अधिसूचना के अनुसार निधन या स्थायी अपंगता पर पूरी पेंशन देने और केंद्र सरकार की तर्ज पर महिला कर्मियों को बच्चे की देखभाल के लिए दो साल का अवकाश देने का मसला भी उठाया है। कर्मचारियों के अन्य मसले भी जेसीसी में लाए जाने हैं।
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