पसंदीदा स्कूलों की एडजस्टमेंट में उलझी टीजीटी भर्ती, नियुक्तियों के लिए बढ़ा इंतजार
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टीजीटी की बैचवाइज भर्ती के इंतजार में बैठे आवेदकों को नियुक्तियों के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। पसंदीदा स्कूलों की एडजस्टमेंट के चक्कर में टीजीटी भर्ती की प्रक्रिया उलझ गई है। 329 पदों के लिए फरवरी में शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की थी। पहले लोकसभा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता और अब फेवरेट स्टेशनों के चलते मामला फंस गया है।
संभावित है कि 20 सितंबर तक ही नियुक्तियां होंगी। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में बैचवाइज आधार पर ट्रेंड ग्रेजुएट शिक्षकों (टीजीटी) के 329 नए पद भरने को जुलाई तक सभी जिलों में काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी की गई। 15 अगस्त तक विभाग ने स्टेट मेरिट तैयार की। इसके बाद शुरू हुई नियुक्तियों की प्रक्रिया ने मामला उलझा दिया है।
मंत्रियों से लेकर विधायकों के डीओ नोट लेकर मेरिट में आए लोग सुगम स्टेशन पाने की जुगत में लगे हैं। राजनीतिक दबाव के चलते विभागीय अधिकारियों को भी बार-बार नियुक्तियों की सूची बदलनी पड़ रही है। मंत्रियों और विधायकों की सिफारिशों के चलते रोजाना लिस्ट को अपडेट करना पड़ रहा है।
जिन लोगों के पास किसी की भी सिफारिश नहीं थी, उन्हें दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में भेजा गया। इस बात की जानकारी लगते ही ये लोग भी मंत्रियों और विधायकों से डीओ नोट लेकर विभाग में पहुंच रहे हैं। इस कारण नियुक्तियों की सूची को अंतिम रूप देना मुश्किल हो गया है। उधर, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा रोहित जंबाल ने बताया कि औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। जल्द नियुक्तियां दे दी जाएंगी।
नवंबर 2018 की कैबिनेट में मंजूर हुए थे पद
बीते साल नवंबर में हुई कैबिनेट बैठक में टीजीटी के 835 नए पद भरने को मंजूरी दी गई थी। इसी कड़ी में निदेशालय ने 329 पद बैचवाइज भरने की प्रक्रिया शुरू की। इसमें टीजीटी आर्ट्स के 197, टीजीटी नॉन मेडिकल के 92 पद और टीजीटी मेडिकल के 42 पद काउंसलिंग के माध्यम से भरे जाने हैं। अनुबंध आधार पर होने वाली भर्ती के तहत चयनित होने वाले शिक्षकों को 13900 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा।