टेंडर प्रक्रिया शुरू: तीन पैकेज में बनेगा राष्ट्रीय उच्च मार्ग हमीरपुर-मंडी
एनएच में 803 पेड़ और 450 भवनों को पहुंचने वाले नुकसान का आकलन किया जा चुका है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया चल रही है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से संबंधित करीब 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अटारी-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग वाया हमीरपुर-मंडी के निर्माण को लेकर टेंडर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अटारी से मंडी के बीच की दूरी 265 किलोमीटर है, जिसमें से 141 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। जबकि हमीरपुर के ठाणा दरोगण से मंडी तक 109 किलोमीटर का कार्य शेष बचा है। प्रस्तावित एनएच को तीन पैकेज में बांटा गया है। जिसमें 40 किलोमीटर का पहला पैकेज हमीरपुर से सरकाघाट के समीप करनोल तक रहेगा। 28 किलोमीटर का दूसरा पैकेज करनोल से कलवाण और 41 किलोमीटर का तीसरा पैकेज कलवाण से मंडी तक शामिल हैं। केंद्र से इस एनएच के लिए 1100 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। एनएच में 803 पेड़ और 450 भवनों को पहुंचने वाले नुकसान का आकलन किया जा चुका है।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया चल रही है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से संबंधित करीब 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। पूर्व में आयोजित बैठक में प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग के अधिकारियों और संबंधित जिला प्रशासन को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कोरोना के कारण इस प्रोजेक्ट का कार्य प्रभावित हुआ है। जिला हमीरपुर के 17 गांवों से नेशनल हाईवे की अलाइनमेंट तैयार की गई है। मंडी तक 109 किमी निर्माण प्रस्तावित है, उसके बाद यह फोरलेन से जुड़कर मनाली तक जाएगा। सरकाघाट और धर्मपुर उपमंडलों के 45 गांव इसकी चपेट में आएंगे और करीब साढ़े पांच हजार लोग प्रभावित होंगे।
हमीरपुर जिले में एनएच के अधीन 17 गांवों आते हैं। संपत्तियों का आकलन कार्य पूरा हो गया है। 17 महाल में 45 करोड़ का मुआवजा वितरित हो चुका है, जबकि 15 लाख के करीब मुआवजा वितरण का कार्य चल रहा है, जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।- राकेश शर्मा, एसडीएम भोरंज।
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