टेक्नोमैक घोटाला: कंपनी के एमडी को लेकर इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस
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हिमाचल के बहुचर्चित टेक्नोमैक घोटाले की जांच कर रही सीआईडी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीआईडी की सिफारिश को मानते हुए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संस्था (इंटरपोल) ने घोटाले के मुख्य आरोपी और कंपनी के प्रबंध निदेशक राकेश कुमार शर्मा काे लेकर रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी कर दिया है।
नोटिस जारी होने के बाद सीआईडी की पकड़ से दूर चल रहे राकेश को दुनियाभर की पुलिस एजेंसियां तलाशने लगेंगी। एडीजी सीआईडी अशोक तिवारी ने इसकी पुष्टि की है। नाहन स्थित इंडियन टेक्नोमैक कंपनी के खिलाफ 2016 में सीआईडी ने दो मामले दर्ज कर 4300 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का खुलासा किया था।
कंपनी पर करीब 2100 करोड़ के वैट गबन के अलावा सात करोड़ के बिजली बिल को आरटीजीएस करने में घोटाला करने का आरोप लगा। मुख्य मामले की जांच एसपी साइबर क्राइम संदीप धवल व बिजली बिल घोटाले की जांच एएसपी क्राइम वीरेंद्र कालिया की अध्यक्षता वाली दो एसआईटी को दिया गया।
सीआईडी को अब तक की जांच में इस बात की जानकारी मिली थी कि राकेश देश से बाहर भाग चुका है। इसी के बाद जांच अधिकारियों ने 19 अगस्त को नाहन कोर्ट से आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल किया और फिर इंटरपोल से संपर्क साधा।
पासपोर्ट पहले ही हो चुका है निरस्त
इंटरपोल ने मंगलवार को रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। अब दुनिया के हर देश की पुलिस की नजरें उसे तलाशने में जुट जाएंगी और उसे भारत लाने का रास्ता तय होगा। मामले में अगली चार्जशीट इस महीने के अंत तक दाखिल हो सकती है।
मामले में अब तक 22 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें कंपनी के दो निदेशकों के अलावा दाे ऑडिटर, दाे संपत्ति खरीदार, आबकारी एवं कराधान विभाग के 9 कर्मचारी शामिल हैं। 19 के खिलाफ फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जा चुकी है।
दाे नवंबर को सिरमौर कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर सुनवाई होगी। सीआईडी ने जांच के दौरान ही राकेश शर्मा का दिल्ली से बना पासपोर्ट निरस्त करा दिया था। आखिरी बार उसके दुबई में होने की पुष्टि हुई थी। हालांकि उसकी लंदन, इंडोनेशिया, पेरु और दक्षिण अफ्रीका में भी मौजूदगी की जानकारी मिली है।