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नीलाम होगी टेक्नोमैक कंपनी की संपत्ति, हाईकोर्ट ने रोक लगाने से किया इंकार
Tue, 17 Sep 2019 09:48 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 17 Sep 2019 09:48 PM IST
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हाईकोर्ट ने इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की संपति की नीलामी पर रोक लगाने से मना कर दिया है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि नीलामी की पुष्टि हाईकोर्ट के अगले आदेशों तक न की जाए। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने 9 सितंबर 2019 को पारित आदेशों के तहत कंपनी की संपत्तियों को 180 दिनों के लिए अपने अधीन कुर्क करने के आदेश दिए थे ।
राज्य सरकार ने इन आदेशों को हाईकोर्ट के समक्ष याचिका के माध्यम से चुनौती दी है और कहा है कि ईडी कंपनी कोर्ट के आदेशों पर होने जा रही नीलामी को प्रभावित नहीं कर सकता है। राज्य सरकार का यह कहना था कि कंपनी कोर्ट के आदेशों को किसी न्यायालय के समक्ष चुनौती नहीं दी गई है तो प्रवर्तन निदेशालय यह खुद शक्तियां नहीं रखता है कि वह कंपनी कोर्ट के आदेशों में हस्तक्षेप करें।
बता दें कि कंपनी कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा नीलामी के खिलाफ दायर आवेदन दायर को रद्द कर दिया था। राज्य सरकार द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश वी रामासुब्रामनियन व न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने उपरोक्त आदेश पारित किए। कंपनी कोर्ट के समक्ष पेश किये गए नीलामी प्रारूप के मुताबिक कंपनी की 265.14.16 बीघे जमीन की नीलामी की जाएगी जिसमें से 99.61 बीघे भूमि पर फैक्ट्री बनायी गई है।
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37.83 बीघे भूमि पर सड़क और नालियां बनायी गई है। 50.77 बीघे भूमि को फैक्ट्री के सामने खाली रखा गया है। 189.01 बीघे भूमि पर कंपनी की दीवार लगाईं है और 76.13 बीघे भूमि फैक्ट्री के बाहर है जिसे नीलाम किया जाना है। कंपनी की नीलामी 19 सितंबर को निर्धारित की गई है।
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राज्य सरकार ने इन आदेशों को हाईकोर्ट के समक्ष याचिका के माध्यम से चुनौती दी है और कहा है कि ईडी कंपनी कोर्ट के आदेशों पर होने जा रही नीलामी को प्रभावित नहीं कर सकता है। राज्य सरकार का यह कहना था कि कंपनी कोर्ट के आदेशों को किसी न्यायालय के समक्ष चुनौती नहीं दी गई है तो प्रवर्तन निदेशालय यह खुद शक्तियां नहीं रखता है कि वह कंपनी कोर्ट के आदेशों में हस्तक्षेप करें।
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बता दें कि कंपनी कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा नीलामी के खिलाफ दायर आवेदन दायर को रद्द कर दिया था। राज्य सरकार द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश वी रामासुब्रामनियन व न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने उपरोक्त आदेश पारित किए। कंपनी कोर्ट के समक्ष पेश किये गए नीलामी प्रारूप के मुताबिक कंपनी की 265.14.16 बीघे जमीन की नीलामी की जाएगी जिसमें से 99.61 बीघे भूमि पर फैक्ट्री बनायी गई है।
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37.83 बीघे भूमि पर सड़क और नालियां बनायी गई है। 50.77 बीघे भूमि को फैक्ट्री के सामने खाली रखा गया है। 189.01 बीघे भूमि पर कंपनी की दीवार लगाईं है और 76.13 बीघे भूमि फैक्ट्री के बाहर है जिसे नीलाम किया जाना है। कंपनी की नीलामी 19 सितंबर को निर्धारित की गई है।