तकनीकी विश्वविद्यालय कोरोना से अनाथ हुए विद्यार्थियों की फीस करगा माफ
तकनीकी विवि के अधिष्ठाता शैक्षणिक एवं जनसंपर्क अधिकारी प्रो. कुलभूषण चंदेल ने कहा कि कुलपति के निर्देशों के बाद उपरोक्त फैसला लिया गया है। इस महामारी के दौर में जो विद्यार्थी अनाथ हुए, उनसे तकनीकी विवि कोई फीस नहीं लेगा।
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हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (विवि)ने कोरोना महामारी में अनाथ हुए विद्यार्थियों की फीस माफ करने का फैसला लिया है। यह निर्णय तकनीकी विवि के स्थायी परिसर दड़ूही और ऑफ कैंपस नगरोटा बगवां में लागू होगा। तकनीकी विवि के अधिष्ठाता शैक्षणिक एवं जनसंपर्क अधिकारी प्रो. कुलभूषण चंदेल ने कहा कि कुलपति के निर्देशों के बाद उपरोक्त फैसला लिया गया है। इस महामारी के दौर में जो विद्यार्थी अनाथ हुए, उनसे तकनीकी विवि कोई फीस नहीं लेगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था तकनीकी विवि के स्थायी परिसर और ऑफ कैंपस नगरोटा बगवां के लिए रहेगी।
तकनीकी विवि का 9 जून ने ऑनलाइन परीक्षाएं करवाने का निर्णय सफल रहा। तकनीकी विवि ने स्नातक कक्षाओं की अप्रैल में बची परीक्षाओं को ऑनलाइन करने का फैसला लिया था, 18 जून को परीक्षाएं समाप्त होंगी। पहली बार ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित की गई थी। अब आगामी परीक्षाओं को भी इसी प्रकार करवाने का तकनीकी विवि जल्द फैसला लेगा। तकनीकी विवि के कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने कहा कि महामारी से लगभग हर वर्ग प्रभावित हुआ है। ऐसे में तकनीकी विवि ने कोरोना काल में अनाथ हुए विद्यार्थियों के सभी प्रकार के शुल्क उनकी डिग्री पूरी करने तक माफ करने का फैसला लिया है।
तकनीकी डिग्री, डिप्लोमा करने वाली मेधावी छात्राओं को मिलेगी छात्रवृत्ति
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से स्वीकृत कॉलेजों और संस्थानों में तकनीकी डिग्री और डिप्लोमा करने वाली मेधावी छात्राओं को प्रगति छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिलेगा। तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने बताया कि इस योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए एक परिवार की अधिकतम 2 लड़कियां पात्र होंगी। एआईसीटीई ने हिमाचल प्रदेश के लिए 100 छात्रवृत्तियां निर्धारित की हैं। डॉ. मारकंडा ने कहा कि तकनीकी डिग्री और डिप्लोमा करने वाले विशेष रूप से सक्षम मेधावी विद्यार्थियों, जो 40 प्रतिशत या इससे अधिक विकलांग हों, के लिए सक्षम छात्रवृत्ति योजना भी आरंभ की गई है।
छात्रवृत्ति योजनाओं की पात्रता के लिए अधिकतम वार्षिक पारिवारिक आय सीमा 8 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के तहत लाभार्थी को 50 हजार रुपये प्रति वर्ष की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रगति छात्रवृत्ति योजना के तहत तकनीकी डिग्री कर रही 49 छात्राओं तथा डिप्लोमा कोर्स कर रहीं 51 छात्राओं को वर्ष 2020-2021 के दौरान 50 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार, सक्षम छात्रवृत्ति योजना के तहत तकनीकी डिग्री कर रहे एक विद्यार्थी तथा डिप्लोमा कोर्स कर रहे चार विद्यार्थियों को वर्ष 2020-2021 के दौरान 2.50 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। मंत्री ने छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए विभाग द्वारा आवंटित छात्रवृत्ति कोटे से शत प्रतिशत छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। कहा कि यह योजनाएं महिला सशक्तीकरण तथा तकनीकी डिग्री व डिप्लोमा करने वाली मेधावी जरूरतमंद छात्राओं को प्रोत्साहन व सहायता प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगी।