HP High Court: हिमाचल में पैराग्लाइडिंग के बढ़ते हादसों को रोकने के लिए तकनीकी कमेटी गठित
पैराग्लाइडिंग के दौरान बढ़ते हादसों को रोकने के लिए तकनीकी कमेटी का गठन किया गया है। इसके साथ सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को मोबाइल एप बनाने का जिम्मा सौंपा गया है।
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हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग के दौरान बढ़ते हादसों को रोकने के लिए तकनीकी कमेटी का गठन किया गया है। इसके साथ सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को मोबाइल एप बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। राज्य सरकार ने यह जानकारी स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से हाईकोर्ट को दी। अदालत ने मामले की सुनवाई अब 16 मार्च निर्धारित की है। स्टेटस रिपोर्ट में सरकार ने अदालत को बताया कि पैराग्लाइडिंग की गतिविधियों के लिए ट्रैकिंग सिस्टम बनाया जा रहा है। इस सिस्टम के तहत मोबाइल एप से पैराग्लाइडर पर नियंत्रण खोकर गुम हुए पर्यटकों को तलाशने में मदद मिलेगी और साथ ही पायलट के उपकरणों की निगरानी भी की जाएगी।
इसके अलावा जिला स्तर पर खेल क्लब और एसोसिएशन बनाने के निर्देश दिए गए है। अदालत को बताया गया कि सोलो पैराग्लाइडर को खेल क्लब और एसोसिएशन में पंजीकृत किया जाएगा। पैराग्लाइडिंग पर इन खेल क्लबों की ओर से कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आपातकाल की स्थिति में छह सदस्यीय टीम को गठित करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा इस टीम में एक संबंधित तहसीलदार और वन क्षेत्रपाल को भी सदस्य बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि बीड़ बिलिंग में पैराग्लाडिंग के बढ़ते हादसों पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। अदालत ने प्रदेश में साहसिक खेल गतिविधियों में सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठाए हैं। बीड़ बिलिंग में 2013 में पैराग्लाइडिंग के वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया था, तब से यह घाटी साहसिक खेल के लिए मशहूर है। इसे दुनिया की दूसरी सबसे बेहतरीन पैराग्लाइडिंग साइट के रूप में इसे जाना जाता है।