बीएड कोर्स में टीचिंग सब्जेक्ट कांबिनेशन की शर्त फिर से लागू, यहां जाने पूरा मामला
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से बीएड के नए बैच से टीचिंग सब्जेक्ट कांबिनेशन की शर्त फिर से लागू कर दी गई है। इसके तहत विवि से संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश को आवेदन करने वाले सभी विद्यार्थियों को सब्जेक्ट कांबिनेशन का ख्याल रखना होगा।
सब्जेक्ट कांबिनेशन सही न भरे जाने पर प्रवेश रुक जाएगा। अलॉट किए कॉलेज को ही प्रशिक्षु के लिए अनिवार्य की जा रही इस शर्त को सुनिश्चित करना होगा। यदि सब्जेक्ट कांबिनेशन संबंधी शर्त पूरी नहीं पाई जाती है तो इसके लिए संबंधित कॉलेज जिम्मेदार होगा।
विश्वविद्यालय की बीएड प्रवेश परीक्षा कमेटी और शाखा सिर्फ छात्र के भरे गए संकाय के मुताबिक रोल नंबर जारी करेगी। पहली बार आनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया को पूरी कर प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक और छात्र द्वारा भरे गए कॉलेज की च्वाइस के मुताबिक सीटें अलाट करेगी। सब्जेक्ट कांबिनेशन सही भरे हैं या नहीं यह संबंधित कॉलेज की प्रवेश कमेटी की जिम्मेदारी रहेगी।
2015 में दे दी गई थी सब्जेक्ट कांबिनेशन की छूट
एचपीयू शिक्षा अधिष्ठाता प्रो. सुदर्शना राणा ने माना कि इस बार टीचिंग सब्जेक्ट कांबिनेशन की शर्त को अनिवार्य किया गया है। यह शर्त आर्डिनेंस में शामिल कर दी गई है।
विषय सही है या नहीं यह देखने की संबंधित कॉलेज की जिम्मेदारी रहेगी। इस संबंध में प्रोस्पेक्टस में विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी, जिसमें सब्जेक्ट कांबिनेशन भी रहेंगे।
पूर्व कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के कार्यकाल में बीएड के संकाय में टीचिंग सब्जेक्ट कांबिनेशन की छूट दे दी गई थी। इससे विशेष तौर पर रूसा के तहत यूजी कोर्स करने वाले छात्रों को पेश आई दिक्कतों को ध्यान में रखा गया था।
क्या है टीचिंग सब्जेक्ट कांबिनेशन
इस शर्त के मुताबिक हर संकाय में छात्र को दो टीचिंग सब्जेक्ट चुनने होंगे। जिसमें मेडिकल में प्रशिक्षु को लाइफ साइंस और एक अन्य फिजिकल साइंस सब्जेक्ट में च्वाइस बतानी होगी। नॉन मेडिकल मैथ के साथ एक फिजिकल साइंस का विषय।
आर्ट्स में एक लेंग्वेज (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत) के अलावा एक अन्य विषय चुनना होगा। इसी तरह से कामर्स में भी दो विषय चुनने होंगे। टीचिंग सब्जेक्ट च्वाइस के विषय प्रशिक्षु ने यूजी में तीन साल या पीजी में दो साल पढ़े होने चाहिए।